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Showing posts with the label रायपुर

ENC के के कटारे घोटालेबाज है

कटारे के कई घोटालों का शिकायत ननकी राम कंवर ने भी किया है  रायपुर. ईओडब्ल्यू को भ्रष्टाचार में आरोपी बनाए गए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (ग्रामीण यांत्रिकी विभाग) के प्रमुख अभियंता केके कटारे ने लिखकर दिया कि प्रकरण की जांच की जरूरत नहीं है। तत्कालीन रायपुर जिले के कसडोल क्षेत्र स्थित बिलाईगढ़ के ग्राम अमरुवा रिकोकला में 2006-07 में 18 लाख रुपए की सड़क बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार हुआ। बोगस बिलिंग कर पूरे मामले में लीपापोती करने की कोशिश की गई। लेकिन, शिकायत पर ईओडब्ल्यू 'ने प्राथमिकी दर्ज कर इसे जांच के दायरे लिया। साथ ही ग्रामीण यांत्रिकी विभाग में पदस्थ तत्कालीन कार्यपालन अभियंता केके कटारे और सहायक अभियंता 'हरिओम शर्मा को आरोपी बनाया। उक्त दोनों की भूमिका की जांच करने के लिए कई दौर की पूछताछ कर बयान लिया। वहीं ईओडब्ल्यू के निदेशक अमरेश कुमार मिश्रा द्वारा कई बार तत्कालीन कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रायपुर हरिओम शर्मा एवं तत्कालीन कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रायपुर केके कटारे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के...

30 शिक्षकों को राज्यपाल ने सम्मान किया

रायपुर. दिव्यांग शिक्षिका के. शारदा ने दृष्टिबाधित बच्चों और दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा को सुलभ बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्ति के बाद एक  दृष्टिबाधित समूह से जुड़ने के दौरान उन्हें -यह समझ आया कि ऐसे बच्चे मुख्य रूप से ऑडियो फॉर्मेट में अध्ययन करते हैं। इसी अनुभव से प्रेरित होकर उन्होंने वर्ल्ड ऑडियो बुक नाम से ऑडियो बुक्स का चैनल शुरू किया। शारदा के नेतृत्व में 30 शिक्षकों ने 8 महीने में 3 हजार से ज्यादा ऑडियो बुक लेखन में सहभागिता की। इसमें से 800 ऑडियो बुक्स शारदा ने तैयार की। ब्रेल लिपि में लेखन का कार्य के शारदा ने स्वयं किया है, जबकि संपादकीय लेखन रजनी शर्मा द्वारा किया गया है। इनकी रही भूमिका प्रीति शांडिल्य, ज्योति सराफ, शिव बंजारे, समीक्षा गायकवाड़, चंचला चन्द्रा, रश्मि वर्मा, सुशील पटेल, रिंकल बग्गा, कमलेश कुमार लांझे, हिम कल्याणी सिन्हा, ज्योति बनाफर, दीपा महार, महेन्द्र कुमार चन्द्रा, ममता सिंह, संतोष कुमार तारक, बिशे लाल गायकवाड़, अमरदीप भोगल, ब्रजेश्वरी रावटे, मंजू साहू, वर्षा जैन, बलराम नेताम, रजनी शर्मा, अनिल कुमार अवस्थी, प...

ड्रग अधिकारी एवं नकली दवा व्यापारी का होटल में पार्टी

राजधानी रायपुर में ड्रग विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक खुफिया कैमरे (स्टिंग) में विभाग के आला अधिकारी एक ऐसे व्यक्ति के साथ गोपनीय मुलाकात करते पकड़े गए हैं, जिस पर नकली दवाएं बेचने का संगीन आरोप है। रेस्टोरेंट में दस्तावेजों के साथ हुई चर्चा  जानकारी के अनुसार, एडिशनल ड्रग कमिश्नर संजय नेताम को रायपुर के नेताजी सुभाष स्टेडियम स्थित एक रेस्टोरेंट में आरोपी खेमराम दानी के साथ देखा गया। कैमरे में कैद हुई तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि अधिकारी फाइलों और दस्तावेजों को खोलकर आरोपी के साथ चर्चा कर रहे थे। चर्चा के दौरान अधिकारी द्वारा आरोपी को कानूनी कार्रवाई से बचने के तरीके बताए जाने का संदेह जताया जा रहा है। कौन है आरोपी और क्या है मामला? आरोपी खेमराम दानी का सारंगढ़ में 'सरस्वती मेडिकल स्टोर' है। ड्रग विभाग ने पूर्व में रायपुर के एक गैरेज से नकली दवाओं की एक बड़ी खेप बरामद की थी, जिसकी जांच की कड़ी आरोपी के मेडिकल स्टोर तक पहुंची थी। जांच के दौरान आरोपी के घर और दुकान की तलाशी में लाखों रुपये की बिना बिल वाली दवाइयां जब्त की गई थीं। अधिकारी की स...

डिफाल्टर ग्रेड सरकारी स्कूल के महान शिक्षक

ठाकुर अनिरूध्द सिंह शासकीय प्राथमिक शाला कुशालपुर रायपुर के अधिकतर बच्चों को गिनती नहीं आता एवं अक्षर ज्ञान भी सही ढंग से नहीं आता जिसके कारंण मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता योजना के तहत जांच में इस स्कूल को डिफाल्टर का डी ग्रेड मिला है। इस स्कूल में पर्याप्त 8 शिक्षक रहने के बाद भी इस स्कूल को ABC के बाद D ग्रेड मिला है। इस स्कूल के शिक्षक स्कूल पढ़‌ाने जाते हैं या गप्प मारने जाते हैं इसका विशेष जांच होना चाहिये एवं पढ़ाई में लापर‌वाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्यवाही होना आवश्यक है। इस स्कूल के महान शिक्षकों का नाम अन्नपूर्णा महानंद, ज्योति बंजारे, पुजा मतलम, गरिमा, शाकार, राखी शर्मा, पूरनदास बंजारे, डाक्टर प्रसाद साहू एवं अशोक वर्मा है। रायपुर जिला में लगभग एक हजार स्कूल है जिसमें से 259 स्कूल को डिफाल्टर का डी ग्रेड मिला है।

प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को न्यायालय से कठोर सजा मिलना चाहिए

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) रायपुर ने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जनवरी से नवंबर 2025 के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 24 उद्योगों की बिजली काटने अथवा उत्पादन बंद कराने की कार्रवाई की गई, जबकि 23 अन्य उद्योगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। CG News: औद्योगिक क्षेत्रों में कड़ी कार्रवाई पर्यावरण मंडल के अनुसार उरला, सिलतरा, बीरगांव, सरोरा सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में वायु एवं जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की गई। इसके साथ ही 27 उद्योगों पर 57.80 लाख रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी लगाई गई है। वर्तमान माह की 16 तारीख तक ही 4 उद्योगों को नोटिस, 1 उद्योग को बंद/बिजली विच्छेदन और 2 उद्योगों पर 2.55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बिना कवर परिवहन पर सख्ती कच्चा माल, तैयार उत्पाद या ठोस अपशिष्ट बिना तारपोलिन से ढके परिवहन करने के मामलों में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्त कार्रवाई की है। नियमों का उल्लंघन करने वाले 47 उद्योगों और संस्थानों पर कुल 21.81 लाख रुपये से अधिक की प...

डी एफ ओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गलत जवाब देने पर वन विभाग ने 5 अधिकारी-कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। दरअसल, विधायक शेषराज हरवंश द्वारा इंदिरा निकुंज माना रोपणी में संचालित कुंवारादेव महिला स्व सहायता समूह के कार्य संचालन के संबंध में विधानसभा में जानकारी मांगी थी। इस सवाल के जवाब में मंत्री केदार कश्यप को विभाग ने जो जानकारी दी थी, वो गलत थी। इसे गंभीरता से लेते हुए वन मंत्री ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख को जांच करने का निर्देश दिया था। मंत्री के निर्देश पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी श्रीनिवास राव की अध्यक्षता में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक नावेद शुजाउद्दीन तथा मुख्य वन अगासिमनी द्वारा संरक्षक रायपुर वृत्त, राजू अगा तत्काल जांच समिति गठित की गई थी। जांच में सामने आया कि जवाब में कई‌ तथ्यों को छुपाया गया था। इसके अलावा इंदिरा निकुंज माना रोपणी में संचालित कुंवारादेव महिला स्व सहायता समूह के संबंध में विस्तृत जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।  इनको निलंबित किया गया रायपुर वनमंडल के रायपुर परिक्षेत्र अधिकारी सतीश मिश्रा, माना नर्सरी प्रभारी व...

40 हजार के एसी में 2 लाख 66 हजार मरम्मत खर्च

विधानसभा में सोमवार को कांग्रेस विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह ने लोक निर्माण विभाग की ओर से बिलासपुर संभाग में किए गए वार्षिक मरम्मत विद्युतीकरण पर खर्च राशि का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, भवन और स्थानों की जानकारी मांगी थी, लेकिन सिर्फ सेक्शन की जानकारी दी गई है। इस पर डिप्टी सीएम साव ने बताया, 2016-से 2024 की अवधि में 9156 स्थानों के कार्य कराए गए हैं। देयक में स्थान का उल्लेख नहीं होता, माप पुस्तिका में होता है। इस प्रश्न पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने डिप्टी सीएम को घेरा। उन्होंने कहा, एक एसी के रखरखाव में 2 लाख 66 हजार रुपए खर्च हुए। जबकि एक एसी 40 से 50 हजार रुपए में आ जाता है। सवाल-जवाब के बीच डिप्टी सीएम साव ने कहा, अगर किसी सब डिवीजन के बारे में कंप्लेंट है, तो जानकारी दे दें. उस पर जांच कराई जाएगी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने सवाल किया कि आपने 100 करोड़ का भुगतान कैसे कर दिया। फिर आप लोगों के गाइड लाइन ही क्यों जारी की है। इसकी क्या जरूरत पड़ गई? इस पर डिप्टी सीएम साव ने कहा कि शासकीय राशि का दुरुपयोग ना हो, इसके लिए अधिकारी समय-समय पर जानकारी देते रहते है। आपके नॉ...

पद्मिनी भोई ने आयुष के दवा खरीदी में भी भारी घोटाला किया

आयुष संचालक व सीजीएमएससी एमडी समेत 3 अफसरों पर केस दर्ज आयुष विभाग ने सरकारी संस्था को छोड़ निजी संचालकों से दवाईयां खरीदने पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने तीन अफसरों पर केस दर्ज किया है। इसमें आयुष संचालक इफ्फत आरा, संयुक्त संचालक सुनील कुमार दास और सीएमएससी एमडी पद्मिनी भोई शामिल हैं। बता दें कि इन तीनों पर पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने आरोप लगाते हुए एसटी आयोग में शिकायत की थी कि निजी कंपनियों को लाभ देने के लिए इन्होंने सरकारी संस्था संजीवनी से दवाइयां नहीं खरीदीं। जबकि मुख्य सचिव का आदेश है कि जो दवाएं स जीवनी में न मिले उन्हें ही निजी दवा निर्माताओं से खरीदा जाए। केस दर्ज होने के बाद मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने तीनों से जवाब मांगा है। बता दें कि पिछले तीन साल में आयुष विभाग ने 43 करोड़ की खरीदी में संजीवनी से सिर्फ 5.76 करोड़ की दवाएं ही लीं। शिकायत होने के बाद विभाग ने अब आनन-फानन में संजीवनी से दवाएं खरीदना शुरू कर दी है। अब तक 3.93 करोड़ की दवाएं खरीदीं जा चुकी हैं। नियम आने के बाद आयुष ने 2022-23 में 12.64 करोड़ की दवाएं खरीदीं, इसमें संजीवनी से 1.73 करोड़ की दवाएं खरीदीं गई...

जलाशय में खनन करने हेतु पर्यावरण विभाग एनओसी नहीं दे सकता

100 साल पुराने पेंड्रावन जलाशय खनन की फिर खुलेगी फाइलः हाईकोर्ट ने NOC रद्द करने पर विचार करने के दिए निर्देश, आंदोलनकारी बोले-CM से करेंगे मुलाकात रायपुर का 100 साल पुराने पेंड्रावन जलाशय। रायपुर के 100 साल पुराने पेंड्रावन जलाशय में अल्ट्राटेक कंपनी के प्रस्तावित खनन की फाइल फिर खुलेगी। दरअसल, जल संसाधन विभाग की तरफ से जारी खनन सहमति के लिए एनओसी को 20 मार्च 2017 को तत्कालीन जल संसाधन मंत्री ने कंपनी का पक्ष सुने बिना रद्द कर दिया था। 25 अप्रैल 2024 को बिलासपुर हाईकोर्ट ने इस मामले में कंपनी को सुनवाई का अवसर देने और 3 महीने के भीतर मामले को दोबारा निर्णय लेने का निर्देश जारी किया है। अब आंदोलनकारियों का कहना है कि, कंपनी के पक्ष में निर्णय ना आए। इसको लेकर सीएम साय से मुलाकात करेंगे। पेंड्रावन जलाशय को बचाने के लिए बीते 8 साल से संघर्ष जारी है। सरकार से खनन की अनुमति नहीं देने की अपील हाईकोर्ट के इस निर्देश पर छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के संयोजक मंडल सदस्य आलोक शुक्ला और पेंड्रावन जलाशय बचाओ किसान संघर्ष समिति के सचिव घनश्याम वर्मा ने राज्य सरकार से पेंड्रावन जलाशय में खनन की अनुमति नही...

कन्या छात्रावासो में छात्राओं को भगाकर कभी भी ताला लगा दिया जाता है

कालीबाड़ी एसटी-एससी हॉस्टल की छात्राओं ने गुरुवार को हॉस्टल वार्डन की मांग को लेकर कालीबाड़ी चौक पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया। वार्डन के खिलाफ हाथों में तख्ती लिए खड़ी छात्राओं ने काफी देर तक नारे लगाए कि "आज का शिक्षक दिवस जेल में"। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डन की लापरवाही के कारण दो दिन से हॉस्टल में खाना नहीं बन रहा है। ऐन शिक्षक दिवस के दिन हुए प्रदर्शन से प्रशासन के अफसर भी हरकत में आ गए। पुलिस-प्रशासन के अफसरों ने जैसे-तैसे उन्हें मनाकर वापस भेजा। शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास की छात्राओं आरोप लगा रही थीं कि वार्डन हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं को प्रताड़ित करती है। हॉस्टल में नई वार्डन की नियुक्ति हो गई है इसके बावजूद पुरानी वार्डन आरती निकोसे अपना प्रभार नहीं छोड़ रही है। इस वजह से नई वार्डन चार्ज नहीं ले पा रही है। पिछले 2 दिन से वार्डन ने सभी कर्मचारियों को छुट्टी दे दी है। इस वजह से हॉस्टल में खाना नहीं बना है। बाकी काम भी प्रभावित हो रहे हैं। किसी भी तरह की समस्या लेकर उनके पास जाते हैं तो वो ध्यान ...

कन्या छात्रावास में निशुल्क भोजन के बदले वसूल रहे 5-5 सौ रुपए, न क्वालिटी सही, न ही खाना भरपेट

पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास आरंग की छात्राओं ने मेस समिति के विरुद्ध की शिकायत छात्राओं ने शिकायत की है कि मेस समिति भरपेट और सही खाना उपलब्ध नहीं करा रही है। इसका विरोध करने पर समिति के सदस्य अभद्र व्यवहार करते हैं। इसकी जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर समिति को भंग कर दूसरी बनाएंगे। रायपुर जिले के आरंग में संचालित पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास के मेस में छात्राओं को न ही भरपेट खाना नहीं मिल रहा है और न ही खाना की क्वालिटी सही है। छात्राओं ने छात्रावास की मेस समिति पर आरोप लगाया है कि घटिया और कम खाना देने का विरोध करने पर समिति के सदस्यों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। इस शिकायत को लेकर छात्राओं ने आदिम जाति विकास विभाग कार्यालय पहुंचकर इसकी लिखित शिकायत की है। इधर इस मामले में विभाग के अधिकारी का कहना है कि मेस का संचालन छात्राओं का ही एक ग्रुप करता है। इस मामले की जांच की जाएगी। जांच में अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो मेस समिति को भंग कर दूसरी समिति बनाई जाएगी। आरंग स्थित पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास की 30-35 छात्राएं शुक्रवार को ...

कलेक्टर पर अपराध दर्ज करने का आदेश

छत्तीसगढ़ रियल इस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (सीजी रेरा) बनने से बिल्डरों की मनमर्जी पर लगाम कसा है, लेकिन कई बिल्डर अब भी लोगों के खून पसीने की कमाई डकार रहे है। न्याय की जटिल प्रक्रिया में उन्हें उलझाकर रख रहे हैं। हालत यह है कि बिल्डर रेरा का आदेश नहीं मान रहे हैं, तो दूसरी ओर जिला प्रशासन के कर्मचारी कलेक्टर का आदेश नहीं मान रहे हैं। इससे कई परिवार अपने हक के लिए भटक रहे हैं। किसी को 6 साल से, तो किसी को 8 साल में बिल्डरों ने फ्लैट-मकान नहीं दिए हैं। कई मामलों में न्यायालय ने जिला प्रशासन को बिल्डर से फ्लैट-मकान दिलाने का आदेश दिया है, लेकिन जिला प्रशासन आगे कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। उपस्थित नहीं हुए अधिकारी प्रशासनिक अनदेखी से हताश प्रार्थिया ने फिर रेरा अपीलेट ट्रिब्यूनल में शिकायत की। इस पर ट्रिब्यूनल ने लगातार चार बार जिला प्रशासन को कोर्ट की अवमानना के लिए नोटिस जारी किया। इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। ट्रिब्यूनल ने फिर 21 अगस्त 2024 को किसी जिम्मेदार अधिकारी को भेजने कहा था। लेकिन इस बार भी कोई उपस्थित नहीं हुआ। कब मिलेगा न्याय कमल विहार के पास आरएस ड्रीमलैंड के प्रोजेक्ट ई-2 में ...

राम वनगमन परिपथ निर्माण में गड़बड़ी की जांच लटकी

सिर्फ एक बार नोटिस देकर भूला पर्यटन विभाग, कागजी कार्रवाई में सिमटी अनियिमतता की जांच  राम वनगमन परिपथ योजना के तहत राज्य में पिछले पांच वर्षों में हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व अनियमितता की जांच फिलहाल लटक गई है। मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री को 4 व 19 जनवरी 2024 को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 9 जनवरी 2024 को जांच के आदेश दिए थे। इस पर पर्यटन विभाग जांच के नाम पर कागजी कार्रवाई कर मात्र एक पत्र लिखकर भूल गया और अब तक जांच को ही ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश दिख रही है।  आरटीआई कार्यकर्ता राकेश चौबे की शिकायत पर सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार 12 जनवरी 2024 को जांच के लिए नोटशीट शुरू की गई और वहीं से लीपापोती का खेल संबंधित विभाग की ओर से शुरु हो गया। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में राम वनगमन परिपथ योजना के कार्य में अनियिमतता की शिकायत पर निर्माण एजेंसी को 1 फरवरी 2024 को विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया था, जिनमें तापस कुमार स्वैन परियोजना निदेशक (छत्तीसगढ़) टीसीआईएल परियोजना कार्यालय पता म. नं-512 वीआईपी करिश्म...

भूमि के पंजीयन में अधिकारियों ने किया फर्जीवाड़ा करोड़ों का

सतर्कता प्रकोष्ठ द्वारा की गई 1.02 करोड़ रूपए की राजस्व हानि की पहचान संबंधित उप पंजीयक एवं जिला पंजीयकों को जारी किया गया कारण बताओ नोटिस छत्तीसगढ़ शासन के पंजीयन विभाग द्वारा अचल संपित्तयों के क्रय- विक्रय पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इन संपत्तियों के पंजीयन के दौरान दस्तावेज़ों के गलत मूल्यांकन को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये हैं। विभाग के सर्तकता प्रकोष्ठ द्वारा 18 प्रकरणों में 1.02 करोड़ रुपये की राजस्व हानि की पहचान की और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। सर्तकता प्रकोष्ठ द्वारा संबंधित जिलों के जिला पंजीयक शुल्क की वसूली के लिए प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। साथ ही संबंधित उप पंजीयक एवं जिला पंजीयकों को कारण बताओं नोटिस भी जारी किया गया है। गौरतलब है कि राज्य में स्थित 102 पंजीयन कार्यालयों में पंजीबद्ध होने वाले दस्तावेजों में कर अवपंचन की रोकथाम और सतत् निगरानी के लिए महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक मुख्यालय में विभागीय सतर्कता प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। पंजीयन विभाग द्वारा अचल संपत्ति के क्रय-विक्रय से संबंधित दस्तावेजों का पंजीयन से वित्तीय वर्ष 202...

सात डिप्टी कलेक्टर का फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र

IAS पूजा खेडकर जैसा छत्तीसगढ़ में भी 'दिव्यांगता' केसः दिव्यांग संघ बोला-7 डिप्टी कलेक्टर, 3 लेखाधिकारी, 3 नायब तहसीलदार समेत 21 दिव्यांग फर्जी महाराष्ट्र की ट्रेनी IAS ऑफिसर पूजा खेडकर का मामला गर्माया हुआ है। इस बीच छत्तीसगढ़ में भी फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट से सरकारी नौकरी करने वालों के नाम सामने आए हैं। इनमें डिप्टी कलेक्टर से लेकर पशु चिकित्सक तक शामिल हैं। इसे लेकर सरकार से शिकायत की गई है। छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ का आरोप है कि सरकारी नौकरी में 50% दिव्यांग फर्जी हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष बोहित राम चंद्राकर ने बताया कि, वर्तमान में PSC से सिलेक्ट होकर 7 डिप्टी कलेक्टर, 3 लेखा अधिकारी, 3 नायब तहसीलदार, 2 सहकारिता निरीक्षक, 3 पशु चिकित्सक समेत 21 लोग फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र के जरिए नौकरी में हैं। दिव्यांग सेवा संघ ने इन अधिकारियों के खिलाफ फर्जी दिव्यांग होने का आरोप लगाते हुए सरकार से शिकायत की है। 3 अधिकारियों को बताया सरगना संघ अध्यक्ष चंद्राकर ने बुधवार को रायपुर में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि, इसका सरगना लोरमी का ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी गुलाब...

रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा करने वाले आरटीओ को तत्काल निलंबित होना चाहिए

नगालैंड-अरुणाचल से रायगढ़, रायपुर व दुर्ग में वाहनों के रजिस्ट्रेशन, इसकी फाइलें गायब  • भास्कर इंवेस्टिगेशन-3 - भास्कर के पास सीएजी रिपोर्ट, आरटीओ को लिखा- इसमें आपके अफसर शामिल देश में गाड़ियों के फर्जी रजिस्ट्रेशन और एनओसी मामले की पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। नगालैंड और अरुणाचल की फर्जी गाड़ी नंबर के आधार पर एक हजार से ज्यादा गाड़ियों का रायपुर, रायगढ़ व दुर्ग में रजिस्ट्रेशन हुआ। उसकी फाइल ही आरटीओ से गायब हो गई है। इस मामले में भास्कर टीम के हाथ भारत के नियंत्रक एवं महालेखाकार (सीएजी) के प्रधान महालेखाकार छत्तीसगढ़ की ऑडिट रिपोर्ट लगी है। इसमें साफ लिखा है कि नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश से आ रही गाड़ियों का रायपुर, दुर्ग और रायगढ़ आरटीओ-डीटीओ में बिना वैध व अनिवार्य दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन किया गया है। उन गाड़ियों को नंबर भी जारी किया गया है। ऑडिट में सीएजी इंस्पेक्टर्स को गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की फाइलें गायब मिलीं है। ये फाइलें 2017 से जनवरी 2024 के बीच की हैं। सीएजी ने लिखा है कि यह गंभीर वित्तीय अनियमितता है। सरकार और परिवहन विभाग को चिट्ठी लिखी है। इसके बावजूद व...

मिशन की सख्ती के बाद उखाड़े 97 घटिया क्लोरिनेटर सिस्टम

जल जीवन मिशनः ग्रामीण पेयजल योजनाओं में गड़बड़ी कोंडागांव परिक्षेत्र में सौ फीसदी घटिया सिस्टम लगाने का खेला अंबिकापुर सर्कल में कोई कार्रवाई नहीं दुर्ग परिक्षेत्र में सबसे कम गुणवत्ताविहीन सिस्टम मिले जल जीवन मिशन के तहत जिलों में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के लिए लगाए गए घटिया इलेक्ट्रो-क्लोरिनेटर उखाड़े जाने की कार्रवाई तेज हो गई है। मिशन कार्यालय की सख्ती के बाद प्रदेश के छह परिक्षेत्रों के विभिन्न जिलों में लगाए गए क्लोरिनेटर हटाए जा रहे हैं। सभी परिक्षेत्रों में अब तक घटिया स्तर के पाए गए 97 क्लोरिनेटर हटा दिए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा गुणवत्ताविहीन क्लोरिनेटर कोंडागांव परिक्षेत्र में लगाए गए थे। यहां लगभग सौ फीसदी क्लोरिनेटर उखाड़ दिए गए हैं। हालांकि अभी अंबिकापुर परिक्षेत्र में कार्रवाई की गति शून्य है छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के तहत पूर्व में स्थापित किए गए गुणवत्ताविहीन इलेक्ट्रो-क्लोरिनेटर सिस्टम हटाने की प्रक्रिया में तेजी आई है। प्रदेश भर में हजारों की तादाद में क्लोरिनेटर लगाए गए हैं। इनमें से अब तक हुई कार्रवाई में 97 सिस्टम मौके से उखड़वा दिए गए हैं। मिशन संचालक स...

महीने भर गायब रहने वाले कर्मचारियों को बर्खास्त करने का आदेश

सस्पेंशन नहीं, सीधे सरकारी नौकरी से छुट्टी; बचाने वाले पर भी होगा एक्शन छत्तीसगढ़ में अब बिना सूचना के ऑफिस नहीं आने वाले सरकारी कर्मचारियों पर बड़ा एक्शन लेने की तैयारी है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक ऐसे कर्मचारियों पर सीधे बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी। इसके लिए उन्हें पहले नोटिस दिया जाएगा। यह आदेश एक महीने से ज्यादा आदतन गैरहाजिर रहने वाले सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए है। ऐसे मामलों में नोटिस में उचित कारण नहीं मिलने पर निलंबन नहीं बल्कि सीधे नौकरी से निकालने की भी कार्रवाई होगी। प्रदेश के लगभग 4.5 लाख अफसरों-कर्मियों के लिए इसे अलार्मिंग माना जा रहा है। कर्मचारियों के खिलाफ जांच बैठाई जाएगी। छह महीने के अंदर ही जांच के बाद एक्शन ले लिया जाएगा। दोषी पाए जाने पर उनकी पेंशन में भी कटौती हो सकती है। यहां तक कि अगर ऐसे कर्मचारियों को विभाग प्रमुख ने बचाने की कोशिश की तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पहले भेजा जाएगा सूचना पत्र विभाग की ओर से जारी किए गए आदेश के मुताबिक, एक महीने से ज्यादा बिना सूचना या अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले शासकीय सेवकों को व...

कचरा एवं कीड़े वाली शराब के खिलाफ खाद्य औषधि विभाग को भी कार्यवाही करना चाहिए

देशी शराब प्रयोगशाला जांच में हुई फेल, ढाई लाख का ठोका जुर्माना रायपुर, 5 मई। आबकारी विभाग ने कचरा कीड़े मकोड़े वाली डंप देशी प्लेन शराब को नष्ट करने का फैसला किया है। विभागीय सचिव आर. संगीता ने 2 करोड़ 76 लाख 6 हजार 480 रुपए कीमत की इस शराब को नष्ट करने का आदेश जारी किया है। इस आदेश में मेसर्स, छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज लिमिटेड, ग्राम खपरी, पो. कुम्हारी, जिला दुर्ग और मेसर्स वेलकम डिस्टिलरीज प्रा. लिमिटेड, छेरकाबांधा जिला बिलासपुर की देशी मदिरा प्लेन (पाव) लैब टेस्ट में फेल हुई। जो पीने के लिए उपयोगी नहीं मानी गई। क्योंकि इस बैच की देशी शराब में कचरा और कीड़े मकोड़े मिले है। इस पर आबकारी सचिव श्रीमती आर शंगीता ने दोनों डिस्टिलरी पर एक लाख और डेढ़ लाख कुल ढाई लाख का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। साथ ही इस शराब की जब्ती बनाकर नष्ट करने का निर्देश दिया है। आबकारी सचिव आर शंगीता ने बताया कि मेसर्स, छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज लिमिटेड, ग्राम खपरी, पो. कुम्हारी, जिला दुर्ग के देशी मदिरा मदिरा प्लेन (पाव) में कीट, कचरा मिला है। गत 15 मार्च 14 को उक्त डिस्टिलरी की बैंच क्रमांक 165-167 का सैंपल ले कर विभाग...

रेत से 100 करोड़ का राजस्व 900 करोड़ की अवैध कमाई

खनिज विभाग के अफसरों ने साधी चुप्पी, खदान संचालकों ने मचा रखी लूट कांग्रेस सरकार के समय नीलामी में रेत घाट लेने वाले संचालकों की मनमानी जब कोई व्यक्ति किसी नामुमकिन कार्य को करता है, तब उसके लिए 'रेत से तेल' निकालने का मुहावरा प्रयोग किया जाता है। छत्तीसगढ़ में इन दिनों रेत को लेकर यह मुहावरा सबकी जुबान पर चढ़ गया है। दरअसल राज्य में रेत का खेल पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय से शुरू हुआ, जो भाजपा सरकार में भी जमकर फल-फूल रहा है। जानकारों की मानें तो रेत से सरकार को महज 100 करोड़ का राजस्व मिलता है, किंतु रेत से अवैध कमाई सालाना 900 करोड़ की जाती है। इसमें कमाई का भारी हिस्सा नीचे से लेकर ऊपर तक बंट रहा है। रेत के इस खेल में कोई दूध का धुला नहीं है। इसमें सबकी मिलीभगत है और रेत से भरी हजारों हाईवा प्रतिदिन रेत घाटों से निकल रही हैं। रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर सबने आंखें मूंद ली हैं, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, खनिज विभाग यहां तक जनप्रतिनिधियों को भी रेत का खेल रास आ रहा है। भले ही इसके चलते पर्यावरण को नुकसान हो या एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ रही हो, किंतु राजन...