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Showing posts with the label छत्तीसगढ़ न्यूज़

30 शिक्षकों को राज्यपाल ने सम्मान किया

रायपुर. दिव्यांग शिक्षिका के. शारदा ने दृष्टिबाधित बच्चों और दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा को सुलभ बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्ति के बाद एक  दृष्टिबाधित समूह से जुड़ने के दौरान उन्हें -यह समझ आया कि ऐसे बच्चे मुख्य रूप से ऑडियो फॉर्मेट में अध्ययन करते हैं। इसी अनुभव से प्रेरित होकर उन्होंने वर्ल्ड ऑडियो बुक नाम से ऑडियो बुक्स का चैनल शुरू किया। शारदा के नेतृत्व में 30 शिक्षकों ने 8 महीने में 3 हजार से ज्यादा ऑडियो बुक लेखन में सहभागिता की। इसमें से 800 ऑडियो बुक्स शारदा ने तैयार की। ब्रेल लिपि में लेखन का कार्य के शारदा ने स्वयं किया है, जबकि संपादकीय लेखन रजनी शर्मा द्वारा किया गया है। इनकी रही भूमिका प्रीति शांडिल्य, ज्योति सराफ, शिव बंजारे, समीक्षा गायकवाड़, चंचला चन्द्रा, रश्मि वर्मा, सुशील पटेल, रिंकल बग्गा, कमलेश कुमार लांझे, हिम कल्याणी सिन्हा, ज्योति बनाफर, दीपा महार, महेन्द्र कुमार चन्द्रा, ममता सिंह, संतोष कुमार तारक, बिशे लाल गायकवाड़, अमरदीप भोगल, ब्रजेश्वरी रावटे, मंजू साहू, वर्षा जैन, बलराम नेताम, रजनी शर्मा, अनिल कुमार अवस्थी, प...

फर्जीवाड़ा को संरक्षण देने वाले ड्रग इंस्पेक्टरो के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही होना आवश्यक

मध्यप्रदेश के इंदौर शहर से छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में फर्जी बिल के सहारे नकली दवाइयां ट्रांसपोर्ट की गई हैं। नकली दवाइयों की 7वीं खेप पकड़ाई तब खुलासा हुआ कि करोड़ों की नकली दवाइयों की 6 खेप पहले से खपाई जा चुकी है। चार स्पेशल अफसरों की जांच में इसका खुलासा हुआ है। अफसरों ने इंदौर, रायपुर, बलौदाबाजार और सारंगढ़ जिले के ड्रग माफिया के ठिकानों पर छापेमारी की है। इंदौर के बिजासन मेडिकल स्टोर ने भाठापारा की प्रेम प्रकाश एजेंसी को 4 बार और सारंगढ़ के सरस्वती मेडिकल स्टोर को 3 बार फर्जी बिल से मेडिसिन भेजी गई। इनमें कई दवाइयां नकली हैं। माफिया ट्रांसपोर्ट में एंटीबायोटिक दवाइयां लोड करवाते थे, लेकिन बिल दर्द निवारक दवाइयों का होता था। रिपोर्ट के मुताबिक इस रैकेट का खुलासा ड्रग इंस्पेक्टर्स की मिलीभगत के बाद हुआ है। 7वीं खेप में जब लगभग 50 लाख की बिना लाइसेंस वाली दवाइयां पकड़ी गईं तो सिर्फ 2.24 लाख रुपए की जब्ती बनाई गई। बाकी दवाइयां कारोबारी के घर में छिपा दी गईं। गोदाम का वीडियो सामने आया तब दोबारा जांच हुई। इसमें पता चला है कि कारोबारियों के तार इंदौर से जुड़े हैं। 4 ड्रग इंस्पेक्टर्स...

शिक्षक टीकाराम सारथी डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित

डभरा। एमबीआर म्यूजिक एन्ड आर्ट यूनिवर्सिटी नई दिल्ली के सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें शोध शिक्षा, लोककला, पर्यावरण और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शोधार्थियों को पीएचडी समतुल्य मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई। यह सम्मान हरियाणा स्थित एमबीआर म्यूजिक एन्डआर्ट यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदान किया गया। समारोह में डॉ.सी.पी. यादव चेयरमैन मैजिक बुक रिकॉर्ड, डॉ. राजेन्द्र सैनी सहायक आयुक्त, सेंट जान्स एम्बुलेंस इंडिया एवं विश्व स्तरीय मास्टर ट्रेनर न्यूयार्क रेडक्रास, लेफ्टिनेंट कर्नल गणेश बाबू लीडरशिप ट्रेनर, काउंसलर लाइफ स्किल फैसिलिटेटर, डॉ. सुनील कुमार चौहान चीफ वार्डन डिफेंस, गुरुग्राम सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर सक्ति जिले के विकासखंड डभरा अंतर्गत किरारी निवासी टीकाराम सारथी को शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। अतिथियों ने सभी सम्मानित शोधार्थियों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर डॉ. टीकाराम सारथी की धर्मपत्नी श्रीमती सीता सारथी एवं उनके परिवारिक सदस्य...

दवाई दुकानों में फार्मासिस्ट नहीं बैठाने पर 3 महीने की सजा

छत्तीसगढ़ के लगभग एक तिहाई दवा दुकानों में भी फार्मासिस्ट नहीं बैठते ड्रग इंस्पेक्टरो के संरक्षण में छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड के बाद राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर अब सरकार और नियामक एजेंसियां सख्त हो गई हैं। प्रदेश में हजारों मेडिकल स्टोर ऐसे हैं, जो बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट की मौजूदगी में दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। इस पर अब काउंसिल ने सभी अस्पतालों, फार्मेसियों और मेडिकल स्टोर्स को नोटिस जारी कर चेताया है कि किसी भी गैर-पंजीकृत व्यक्ति द्वारा दवा का वितरण, भंडारण या बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि ऐसा पाया गया, तो संबंधित मेडिकल स्टोर या संस्था का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। बता दें, इसको लेकर एमपी फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने इसे लेकर राज्य फार्मेसी काउंसिल को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। बिना फार्मासिस्ट के दवा बिक्री पर रोक एमपी स्टेट फार्मेसी काउंसिल, भोपाल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि फार्मेसी अधिनियम 1948 की धारा 42 के तहत केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट ही दवाओं के वितरण या बिक्री में शामिल हो सकता है। इसके अलावा बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन दवा बेचने प...

वन विभाग के घोटाले में 9 अफसर दोषी

रायपुर। विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल में वन विभाग के टेंडर घोटाले को लेकर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सवाल किया। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि धमतरी, गरियाबंद, मुंगेली के लोरमी, जगदलपुर, बीजापुर में हुए टेंडर घोटाले की जांच की गई है। इसमें 37 में से 33 टेंडर में अनियमितता पाई गई है। अनियमितता के लिए सात भारतीय वन सेवा (आइएफएस) और तीन राज्य वन सेवा के अधिकारियों को दोषी पाया गया है। सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 15 दिन में जवाब मिलने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। टेंडर घोटाले की जांच अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) ने की है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों ने सामग्री की खरीदी के लिए टेंडर किया था। यह प्रश्न वर्ष 2020 के विधानसभा सत्र के दौरान भी पूछा गया था और आज एक बार प्रश्न पूछा गया है। कौशिक ने पूछा कि अधिकारियों के खिलाफ कब तक कार्रवाई होगी। मंत्री अकबर ने बताया कि 15 दिन में जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कौशिक ने कहा कि यह सिर्फ चार जिले का मामला है। बलरामपुर जिले में भी एक म...

प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को न्यायालय से कठोर सजा मिलना चाहिए

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) रायपुर ने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जनवरी से नवंबर 2025 के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 24 उद्योगों की बिजली काटने अथवा उत्पादन बंद कराने की कार्रवाई की गई, जबकि 23 अन्य उद्योगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। CG News: औद्योगिक क्षेत्रों में कड़ी कार्रवाई पर्यावरण मंडल के अनुसार उरला, सिलतरा, बीरगांव, सरोरा सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में वायु एवं जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की गई। इसके साथ ही 27 उद्योगों पर 57.80 लाख रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी लगाई गई है। वर्तमान माह की 16 तारीख तक ही 4 उद्योगों को नोटिस, 1 उद्योग को बंद/बिजली विच्छेदन और 2 उद्योगों पर 2.55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बिना कवर परिवहन पर सख्ती कच्चा माल, तैयार उत्पाद या ठोस अपशिष्ट बिना तारपोलिन से ढके परिवहन करने के मामलों में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्त कार्रवाई की है। नियमों का उल्लंघन करने वाले 47 उद्योगों और संस्थानों पर कुल 21.81 लाख रुपये से अधिक की प...

आर ई एस के इंजीनियरों ने किया घोटाला

ठाकुर प्यारेलाल प्रशिक्षण केन्द्र निमोरा परिसर के रेस्ट हाउस में टूट फूट, रंग-रोगन कार्य में बड़ा टेंडर घोटला सामने आया है। यहाँ आरईएस यानी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारियों ने टेंडर के पहले ही ठेकेदारों करोड़ों का काम करवा दिया है। इस पर करीब 4 करोड़ 30 लाख रुपय के टेंडर फानइल होने के पहले काम करवा दिया गया। ठाकुर प्यारेलाल अकादमी के गेस्ट हाउस नंबर 3 और 4 के रंग रोगन और रिनोवेशन के नाम पर किया गया है। इसमें रंगाई पोताई, सेनटरी फिटिंग फर्नीसिंग, फर्नीचर सेटअप और छत में वाटर पूफिंग का कार्य शामिल है। टेंडर 13 नंवबर को आनलाइन और दैनिक समाचार पत्रों में जारी किया की गया। 19 नंवबर को फार्म जमा करने 26 नंवबर को टेंडर खोलने की फ़ाइनल डेट बताई गई। यह पूरा काम आईटम रेट तरीके से किया गया। जबकि कांफ्रेंस ही 28-30 नवंबर तक आयोजित की गई थी। यहां उल्लेखनीय है कि बिल्डिंग को रेनोवेट करने का ठेका, कांफ्रेंस से ठीक 15 दिन पहले निकाला गया। इन रेस्ट हाउस को डीजीपी और समकक्ष अफसरों के स्तर का रेनोवेट करना था। जबकि डीजीपी कांफ्रेंस में पीएम मोदी, गृहमंत्री शाह के आगमन को लेकर एक वर्ष पहले से शेड्यूल ब...

धान का कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत भी कार्यवाही होना चाहिए

प्रदेश में अवैध भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय करते हुए प्रशासन ने अब तक लगभग 1 लाख 52 हजार क्विंटल धान जब्त किया है। यह कार्रवाई 1 नवंबर से जारी है.. छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारम्भ होने के पूर्व से ही प्रदेश में अवैध धान के भण्डारण एवं परिवहन से आने वाले धान की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पिछले एक नवंबर से 6 दिसम्बर तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से एक लाख 51 हजार 809 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इस बार मार्कफेड द्वारा राज्य में अवैध परिवहन के जरिए अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले धान को रोकने के लिए राज्य के सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट और कलेक्टर की अध्यक्षता में टॉस्कफोर्स भी बनाए गए हैं। इसके साथ ही मार्कफेड में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की सतत् निगरानी की जा रही है। 1 नवंबर से जारी है अभियान मार्कफेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक नवंबर से 6 दिसम्बर के अवधि में मण्डी अधिनियम 1972 के तहत सीमावर्ती विभिन्न जिलों से छत्तीसगढ़ राज्य में अवैध परिवहन के माध्यम से आने वाले धान पर कार्यवाही की जा रही है। इन...

छत्तीसगढ़ में खाद की कालाबाजारी 300 में मात्र 4 पर FIR

देशभर में खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और गलत जगह सप्लाई के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। जिस पर छत्तीसगढ़ पांचवें स्थान पर है। केंद्र सरकार ने लोकसभा में आंकड़े पेश किए है। जिसके अनुसार, 1 अप्रैल से 28 नवंबर 2025 के बीच राज्य में खाद की कालाबाजारी पर 294 खाद विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए। इनमें से 13 विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए गए, जबकि 4 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस ने खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कालाबाजारी को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए जमकर हंगामा किया था। विपक्ष ने आरोप लगाया कि, किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है और अवैध तरीके से इसकी जमाखोरी की जा रही है। यूपी सबसे आगे, एमपी टॉप-3 में केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में खाद की कालाबाजारी, खराब क्वालिटी, गलत जगहों पर सप्लाई जैसे मामले में 197 एफआईआर दर्ज की गईं, जो देश में सबसे ज्यादा है। राजस्थान 103 एफआईआर के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं, 91 एफआईआर दर्ज कर मध्य प्रदेश तीसरे नंबर पर है। खाद के मामले में राज्यों की स्थिति • कालाबाजारी में हर मोर्चे पर उ...

पीडब्ल्यूडी के भ्रष्ट्र अधिकारी मजे कर रहे हैं

निर्माण विभागों में पीडब्ल्यूडी एक ऐसा विभाग है जहां तमाम सीनियर अफसर भ्रष्टाचार की जांच के घेरे में हैं। और तो और 15 इंजीनियर विभागीय जांच में दोषी भी पाए गए हैं। यही नहीं, 53 अफसरों के खिलाफ तो ईओडब्ल्यू-एसीबी में केस दर्ज हैं। इनमें से कई तो रिटायर भी हो गए हैं। प्रदेश में पीडब्ल्यूडी का सालाना बजट करीब 6 हजार करोड़ से अधिक है। चुनावी साल में सडक़ से लेकर ब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है। इन सबके बीच निर्माण से जुड़े तमाम बड़े अफसरों के खिलाफ अलग-अलग तरह की जांच चल रही है। हाल यह है कि कई अफसर तो रिटायर हो गए हैं, लेकिन ईओडब्ल्यू-एसीबी में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की पड़ताल हो रही है। बताया गया कि दो पूर्व ईएनसी जीएस सोलंकी, और पीएस क्षत्रिय के खिलाफ ईओडब्ल्यू-एसीबी में केस दर्ज है। उनके खिलाफ जांच अभी भी खत्म नहीं हुई है। यही नहीं, मौजूदा ईएनसी केके पिपरी, और उनके पूर्ववर्ती प्रभारी ईएनसी वीके भ्रतपहरी के खिलाफ भी ईओडब्ल्यू-एसीबी में केस दर्ज है। कुल मिलाकर 53 इंजीनियरों के खिलाफ अकेले ईओडब्ल्यू-एसीबी में केस दर्ज है। दूसरी तरफ, पीडब्ल्यूडी के 36 अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले ...

अरपा भैंसझार परियोजना में 8 एस डी एम ने 7 करोड़ का घोटाला किया

अरपा भैंसाझार परियोजना के मुआवजा प्रकरण में 8 एस डी एम ने 7 करोड़ का घटाला एवं फर्जीवाड़ा किया है। घोटाला करने वाले एस डी एम का नाम राजेन्द्र गुप्ता, मृतन कंवर, डी आर डाहिरे, देवेन्द्र पटेल, कीर्तिमान सिंह राठौर, डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, आनंद रूप तिवारी एवं आई ए एस अधिकारी देवेश ध्रुव है।

खनिज अधिकारियों के संरक्षण में 1 हजार करोड़ का रायल्टी चोरी

छत्तीसगढ़ के पंचायतों लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, पी एच ई, छत्तीसगढ़ मेडिकल कॉर्पोरेशन, छत्तीसगढ़ वेयर हाउस, नगरीय निकायों मंडी बोर्ड एवं अन्य कई विभागों के निर्माण कार्यों में लगभग 70 प्रतिशत बिना रायल्टी वाला खनिज सामान का उपयोग किया जा रहा है जिसके कारण शासन को 5 साल के अन्दर लगभग 1 हजार करोड़ रुपए के डी एम एफ राशि एवं रायल्टी राशि का नुकसान हुआ है यह सब रायल्टी चोरी खनिज अधिकारियों के संरक्षंण में हो रहा है कारखानों एवं राईस मिलों तथा बिल्डरों के निर्माण कार्यों में भी लगभग 70 प्रतिशत बिना रायल्टी का ही खनिज सामान का उपयोग हो रहा है

जी एस टी अधिकारियों के संरक्षण में 5 हजार करोड़ का जी एस टी चोरी

छ.ग. के पंचायतों लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग पी एच ई, छ.ग. मेडिकल कार्पोरेशन, छ.ग. वेयर हाउस नगरीय निकायों, मंडी बोर्ड एवं अन्य कई विभागों के निर्माण कार्यों में लगभग 70 प्रतिशत बिना जी एस टी बिल वाला खनिज सामान का उपयोग किया जा रहा है जिसके कारंण शासन को 5 साल के अन्दर लगभग 5 हजार करोड़ के जी एस टी राशि का नुकसान हुआ है यह सब जी एस टी चोरी जी एस टी अधिकारियों के संरक्षण में हो रहा है। कारखानों एवं राईस मिलों तथा बिल्डरों के नर्माण कार्यों में भी लगभग 70 प्रतिशत बिना जी एस टी वाला खनिज सामान का उपयोग हो रहा है। छत्तीसगढ़ के खनिज अधिकारियों ने 3 साल के अन्दर लगभग 15 हजार ट्रकों एवं ट्रेक्टरों को बिना जी एस टी बिल एवं बिना रायल्टी वाला खनिज सामान का  ढुलाई करते हुए पकड़ा है इन वाहनों के खिलाफ जी एस टी अधिकारियों को कर्यवाही करना चाहिये लेकिन शिकायत के बाद भी कार्यवाही नहीं किया जा रहा है जो की बहुंत बड़ा लापरवाही है।

सरकारी दवाई को बाजार में बेचने वाले के खिलाफ पुलिस मे FIR होना आवश्यक है

रायपुर गुढ़ियारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सरकारी दवा टिटनेस रेबीज के इंजेक्शन को शासकीय कर्मचारी फार्मासिस्ट ने एक निजी मेडिकल स्टोर में बिक्री करने हेतु गलत ढंग से रखा था जिसमें जांच के बाद फार्मासिस्ट निरज वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है। यह एक भ्रष्टाचार का पकरंण है इसलिये फार्मासिस्ट एवं मेडिकल स्टोर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारंण अधिनियम के तहत पुलिस में FIR दर्ज होना आवश्यक है

मुख्य अभियंता एवं अधीक्षंण अभियंताओं द्वारा मुख्य तकनीकी परीक्षक के जांच पर कार्यवाही नहीं

छ.ग. के लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, पी एच ई, प्रधानमंत्री सड़क योजना एवं हाउसिंग बोर्ड के लगभग एक हजार निर्माण कार्यों में ठेकेदारों ने अभियंताओं के संरक्षण में कई प्रकार से घटिया निर्माण कार्य करके भारी घोटाला एवं फर्जीवाड़ा किया है, जिस‌को मुख्य तकनीकी परीक्षक रायपुर ने जांच करके पकड़ा है। मुख्य तकनीकी परीक्षक ने घटिया निर्माण के दोषी अभियंताओं एवं दोषी ठेकेदारों के खिलाफ कार्यवाही करने हेतु मुख्य अभियंताओं एवं अधीक्षण अभियंताओं को जांच प्रतिवेदन भेजा है जिसमें मुख्य अभियंताओं एवं अधीक्षण अभियंताओं द्वारा दोषी अभियंताओं के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्यवाही नहीं किया जा रहा है जिसके कारंण भ्रष्टाचार बढ़ रहा है।

वेटलैंड प्राधिकरंण ने कलेक्टर को दिया आदेश कोर्ट में प्रकरंण दायर करें

नया रायपुर के सेंध और झांझ जलाशय की रिपोर्ट में गंभीर अनियमिततायें पाए जाने के कारण छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड अथॉरिटी ने अध्यक्ष जिला वेटलैंड संरक्षण समिति रायपुर को दोनों जलाशयों में प्रतिबंधित कार्य करवाने के कारण पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 19 के तहत सक्षम न्यायालय में शिकायत/परिवाद दायर करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत 5 वर्ष की सजा या रुपए 1 तक लाख का फाइन या दोनों का प्रावधान है। सेंध और झांझ जलाशय में नया रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी ने क़ानून का उलंघन कर करोडों के कार्य करवाए हैं। वेटलैंड प्राधिकरण ने रायपुर के सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. राकेश गुप्ता के पत्र का हवाला देते हुए आदेश में लिखा है कि कलेक्टर द्वारा 2 मई 25 को दी गई जांच रिपोर्ट के से स्पष्ट है कि सेंध और झांझ जलाशय में पाथवे निर्माण, चौपाटी एवं अन्य गतिविधियों वेटलैंड रूल्स और मार्गदर्शिका के अंतर्गत प्रतिबंधित गतिविधियों की है जो की दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। क्या पाया गया झांझ जलाशय की जांच रिपोर्ट में? जुलाई 2023 में जांच में पाया गया कि वहां पर 13.6...

बेमेतरा के पूर्व श्रम पदाधिकारी ने किया फर्जीवाड़ा

श्रम विभाग की हितग्राही मूलक योजनाओं में गड़बड़ी करने के मामले में श्रम विभाग में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारी को लौटाया गया है। वर्तमान श्रम पदाधिकारी ने श्रमिकों के आवास निर्माण के लिए दिए जाने वाले अनुदान को प्रदान करने वाली योजनाओं में हुई गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा है। शिकायत करने वाली पार्षद नीतू कोठारी ने विभागीय कार्रवाई को नाकाफी बताया और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। श्रम पदाधिकारी कार्यालय में श्रम कल्याण निरीक्षक पद पर प्लेसमेंट कर्मचारी छलेश्वर साहू को लेकर सक्षम अधिकारी के समक्ष की गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि विभागीय योजनाओं के लाभान्वित अभ्यर्थियों को गलत प्रमाण-पत्र जारी कर शासन को आर्थिक हानि पहुंचाई गई है। शिकायत के बाद एक टीम का गठन किया गया था। टीम द्वारा की गई जांच में श्रम कल्याण निरीक्षक द्वारा रजिस्टर्ड ट्रेड यूनियन के नियुक्ति प्रमाण-पत्रों का दुरुपयोग करते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिलने दिया जाना पाया गया था। जांच में शिकायतों की पुष्टि होने पर अपर कलेक्टर द्वारा छलेश्वर साहू ...

बांध के डुबान क्षेत्र में रिसॉर्ट बनाना पर्यावरण नियम का उल्लंघन है

बरही गांव के पास, निजी रिसोर्ट है और दूसरा तांदुला डैम के पास। इसे पिछली सरकार के समय शासन ने ही बनाकर भिलाई की एक बड़ी कंपनी को कांट्रेक्ट पर दे दिया है। प्रदेश में इस तरह बांधों के आसपास, बैकवॉटर (उलट) क्षेत्र और यहां तक कि बांध के अंदर तक करीब 15 ऐसे प्रोजेक्ट हैं जो शुरू हैं या शुरू होने वाले हैं या जिनका काम रुका हुआ है। पर्यावरण विशेषज्ञ इसे बेहद खतरनाक और बांधों के अस्तित्व पर खतरा बता रहे हैं। छत्तीसगढ़ में बांध के भराव क्षेत्र में ही रिसॉर्ट बन रहे हैं। दरअसल, छत्तीसगढ़ में बढ़ते पर्यटन के चलते सरकार के साथ रियल स्टेट व्यापार से जुड़े लोगों और कारोबारियों ने जंगल के भीतर, नदियों-तालाबों, बांधों के किनारे पांच सितारा रिसॉर्ट बना लिए हैं। इनमें से कुछ जरूरी में मंजूरी ली गई, जबकि कुछ रिसोर्ट मनमाने तरीके से बनाए गए हैं। ऐसे लोग लेक व्यू नाम रखने के लिए बांधों के वेट लैंड पर कब्जा कर रहे हैं। बरही के पास बने रिसॉर्ट ने बांध की सूखी जमीन को ओपन रेस्टोरेंट का रूप का दे दिया है। यहां झूलों और बैठने की स्थाई सुविधा बना दी गई है। एक वॉटर फिल्टर प्लांट का निर्माण भी किया गया है, ताकि स...

शराब कंपनियों ने नकली होलोग्राम वाला दारू सप्लाई करके अरबो रुपए के जीएसटी नुकसान भी किया

छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला केस में ED कोर्ट ने सोमवार को अनवर ढेबर की अर्जी को स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने शराब निर्माता कंपनियों समेत 8 लोगों को आरोपी बनाया है और समन जारी किया है। इनमें मैन पावर सप्लायर सिद्धार्थ सिंघानिया, 3 शराब निर्माता कंपनी और शराब कारोबार से जुड़ी कंपनियों को कोर्ट ने तलब किया है। जेल में बंद अनवर ढेबर ने धारा 190 सीआरपीसी के तहत विशेष न्यायालय में आवेदन किया था। लंबी बहस के बाद कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया है। वहीं शराब घोटाला केस में अब शराब निर्माता कंपनियों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। 28 फरवरी को ED कोर्ट में सुनवाई होगी।  आबकारी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी होगी कार्रवाई ED कोर्ट ने अपने ऑर्डर में लिखा है कि आबकारी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन सेंक्शन अभी नहीं आया है। इसलिए जब प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट सेंक्शन हो जाएगी, तब उनके खिलाफ भी जांच की जाएगी। आबकारी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी ED कोर्ट से समन जारी हो सकता है। EOW कोर्ट में 10 मार्च को होगी सुनवाई ED कोर्ट के अलावा अनवर ने EOW कोर्ट में भी शराब निर्माता कंपनियों समेत 8 लोगों को आ...