रायपुर. दिव्यांग शिक्षिका के. शारदा ने दृष्टिबाधित बच्चों और दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा को सुलभ बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्ति के बाद एक दृष्टिबाधित समूह से जुड़ने के दौरान उन्हें -यह समझ आया कि ऐसे बच्चे मुख्य रूप से ऑडियो फॉर्मेट में अध्ययन करते हैं। इसी अनुभव से प्रेरित होकर उन्होंने वर्ल्ड ऑडियो बुक नाम से ऑडियो बुक्स का चैनल शुरू किया। शारदा के नेतृत्व में 30 शिक्षकों ने 8 महीने में 3 हजार से ज्यादा ऑडियो बुक लेखन में सहभागिता की। इसमें से 800 ऑडियो बुक्स शारदा ने तैयार की। ब्रेल लिपि में लेखन का कार्य के शारदा ने स्वयं किया है, जबकि संपादकीय लेखन रजनी शर्मा द्वारा किया गया है।
इनकी रही भूमिका
प्रीति शांडिल्य, ज्योति सराफ, शिव बंजारे, समीक्षा गायकवाड़, चंचला चन्द्रा, रश्मि वर्मा, सुशील पटेल, रिंकल बग्गा, कमलेश कुमार लांझे, हिम कल्याणी सिन्हा, ज्योति बनाफर, दीपा महार, महेन्द्र कुमार चन्द्रा, ममता सिंह, संतोष कुमार तारक, बिशे लाल गायकवाड़, अमरदीप भोगल, ब्रजेश्वरी रावटे, मंजू साहू, वर्षा जैन, बलराम नेताम, रजनी शर्मा, अनिल कुमार अवस्थी, परवीन दिवाकर, शांति सोनी, वीरेन्द्र कुमार, अमित कुमार उइके, लक्ष्मण बांधेकर, चानी ऐरी।
सक्सेस स्टोरी और शहीदों की कहानियां
शारदा ने बताया कि इस कार्य में विभिन्न जिलों के सहायक शिक्षक, व्याख्याता और विषय विशेषज्ञों का सहयोग लिया गया। सभी विषयों के लिए अलग अलग प्लेलिस्ट बनाई गई, ताकि दृष्टिबाधित विद्यार्थी आसानी से अध्ययन कर सकें। शारदा ने ब्रेल लिपि में भी महत्वपूर्ण कार्य किया
गया है। इसमें छत्तीसगढ़ के वीर शहीदों की कहानियों पर आधारित ब्रेल पुस्तक तैयार की गई। इसके अलावा दिव्यांग महिलाओं की सक्सेस स्टोरी पर आधारित एक अन्य ब्रेल पुस्तक भी लिखी गई, जिसमें अर्जुन अवॉर्डी और पद्मश्री सम्मानित महिलाओं की जीवन यात्रा शामिल है।
सरगुजिया और बस्तरिया कहानियां
पत्रिका से बातचीत में के. शारदा ने बताया कि इस पहल के तहत कक्षा सिक्स से लेकर ट्वेल्व तक के विषयों की ऑडियो बुक्स तैयार की गईं। इसके साथ ही करंट अफेयर्स को भी जोड़ा गया। छत्तीसगढ़ की सरगुजिया कहानियां, छत्तीसगढ़ी में सांस्कृतिक परिचय, हल्बी भाषा में बस्तर के बोल और बस्तरिया कहानियां भी इस प्लेटफॉर्म का हिस्सा हैं। ऑडियो बुक्स में दिव्यांग सशक्तिकरण से जुड़ी जानकारी भी शामिल है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, संसाधन सहायता, परित्यक्ता और विधवा महिलाओं के लिए उपलब्ध योजनाओं का विवरण दिया गया है। इसका लाभ न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि अन्य राज्यों के दृष्टिबाधित लोग भी ले रहे हैं।

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