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प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को न्यायालय से कठोर सजा मिलना चाहिए

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) रायपुर ने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जनवरी से नवंबर 2025 के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 24 उद्योगों की बिजली काटने अथवा उत्पादन बंद कराने की कार्रवाई की गई, जबकि 23 अन्य उद्योगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

CG News: औद्योगिक क्षेत्रों में कड़ी कार्रवाई
पर्यावरण मंडल के अनुसार उरला, सिलतरा, बीरगांव, सरोरा सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में वायु एवं जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की गई। इसके साथ ही 27 उद्योगों पर 57.80 लाख रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी लगाई गई है। वर्तमान माह की 16 तारीख तक ही 4 उद्योगों को नोटिस, 1 उद्योग को बंद/बिजली विच्छेदन और 2 उद्योगों पर 2.55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

बिना कवर परिवहन पर सख्ती
कच्चा माल, तैयार उत्पाद या ठोस अपशिष्ट बिना तारपोलिन से ढके परिवहन करने के मामलों में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्त कार्रवाई की है। नियमों का उल्लंघन करने वाले 47 उद्योगों और संस्थानों पर कुल 21.81 लाख रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई है। पर्यावरण मंडल ने स्पष्ट किया है कि आगे भी इस तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

खुले में कचरा जलाने पर सख्त कार्रवाई
रायपुर के डीपराडीह सरोना, कबीर नगर सेलिब्रिटी होम्स सोसायटी के पास और महोबा बाजार रेलवे ब्रिज क्षेत्र में घरेलू कचरा खुले में जलाने के मामलों में जुर्माना लगाया गया है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने स्पष्ट किया है कि खुले में कचरा जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, इसलिए ऐसे मामलों में आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

ईंट भट्ठों पर सख्ती, निगम को निर्देश
रहवासी इलाकों के पास संचालित पारंपरिक ईंट भट्ठों (बिना चिमनी वाले) को प्रतिबंधित करने के लिए नगर निगम रायपुर, बीरगांव और खनिज विभाग को पत्र भेजा गया है। वहीं सड़क पर धूल नियंत्रण के लिए नियमित सफाई, जल छिड़काव और स्वीपिंग के निर्देश भी नगर निगम को दिए गए हैं।


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