Skip to main content

जलाशय में खनन करने हेतु पर्यावरण विभाग एनओसी नहीं दे सकता

100 साल पुराने पेंड्रावन जलाशय खनन की फिर खुलेगी फाइलः हाईकोर्ट ने NOC रद्द करने पर विचार करने के दिए निर्देश, आंदोलनकारी बोले-CM से करेंगे मुलाकात

रायपुर का 100 साल पुराने पेंड्रावन जलाशय।

रायपुर के 100 साल पुराने पेंड्रावन जलाशय में अल्ट्राटेक कंपनी के प्रस्तावित खनन की फाइल फिर खुलेगी। दरअसल, जल संसाधन विभाग की तरफ से जारी खनन सहमति के लिए एनओसी को 20 मार्च 2017 को तत्कालीन जल संसाधन मंत्री ने कंपनी का पक्ष सुने बिना रद्द कर दिया था।

25 अप्रैल 2024 को बिलासपुर हाईकोर्ट ने इस मामले में कंपनी को सुनवाई का अवसर देने और 3 महीने के भीतर मामले को दोबारा निर्णय लेने का निर्देश जारी किया है। अब आंदोलनकारियों का कहना है कि, कंपनी के पक्ष में निर्णय ना आए। इसको लेकर सीएम साय से मुलाकात करेंगे।
पेंड्रावन जलाशय को बचाने के लिए बीते 8 साल से संघर्ष जारी है।

सरकार से खनन की अनुमति नहीं देने की अपील

हाईकोर्ट के इस निर्देश पर छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के संयोजक मंडल सदस्य आलोक शुक्ला और पेंड्रावन जलाशय बचाओ किसान संघर्ष समिति के सचिव घनश्याम वर्मा ने राज्य सरकार से पेंड्रावन जलाशय में खनन की अनुमति नहीं देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि, यह जलाशय ऐतिहासिक है।

100 साल पुराने इस जलाशय से 3440 किसानों की 2440 हेक्टेयर जमीन सिंचित होती है। माइनिंग होगी, तो किसानों की खेती प्रभावित होगी। जलाशय से इलाके के दर्जनों गांव को निस्तारी पानी मिलता है और भूमिगत जल स्रोत रिचार्ज होता है। खनन से जलाशय का विनाश होगा। पूरे खरोरा और सरगांव क्षेत्र में गंभीर जल संकट और खनन से प्रदूषण की स्थिति पैदा हो जाएगी।
पेंड्रावन जलाशय का नक्शा।

689 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लाइम स्टोन माइनिंग प्रस्तावित

जलाशय के केचमेंट में अल्ट्रा-टेक कंपनी की 689 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लाइम स्टोन माइनिंग प्रस्तावित है। कंपनी के दवाब में छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग ने 3 जनवरी 2017 को खनन के पक्ष में NOC जारी किया था। आंदोलनकारियों को भनक लगी, तो उन्होंने सूचना का अधिकार लगाकर पूरे मामले का खुलासा किया।

खुलासा होने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और किसानों ने बड़ा आंदोलन किया। आक्रोशित जनप्रतिनिधियों और किसानों के आंदोलन का असर हुआ कि 20 मार्च 2017 को विभाग की तरफ से जारी की गई NOC को तत्कालीन जल संसाधन मंत्री ने निरस्त कर दिया था।

कंपनी ने दी थी हाईकोर्ट में चुनौती

NOC निरस्त किए जाने पर अल्ट्राटेक कंपनी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अब हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल 2024 को विभाग के निरस्तीकरण के आदेश को खारिज करते हुए जल संसाधन विभाग से कहा कि, वह कंपनी को सुनवाई का अवसर दे। 3 महीने के अंदर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

अधीक्षण अभियंता ने यह रिपोर्ट बनाकर मुख्य अभियंता को दी थी।


अधीक्षण अभियंता ने खनन से जलाशय प्रभावित होने की रिपोर्ट दी थी

अधीक्षण अभियंता ने महानदी परियोजना में पदस्थ मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर पेंड्रावन जलाशय में खनन करने पर जलाशय प्रभावित होने की रिपोर्ट बनाकर भेजी दी थी। अधीक्षण अभियंता ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि

पेंड्रावन जलाशय का कुल जलग्रहण क्षेत्र 25.47 स्क्वायर किलोमीटर है। इसमें से टैंक का प्रतिशत 85.27 है। नक्शे में छोड़े गए नाले का माइनिंग के बाद जल ग्रहण का क्षेत्र 8.4 स्क्वायर किलोमीटर बचता है। यानी माइनिंग क्षेत्र को कम करने के बाद बांध का जलग्रहण क्षेत्र (C.A) घटकर मात्र 32.9 प्रतिशत ही रह जाएगा। जिससे बांध में पानी का भराव कम होगा। बांध की सिंचाई भी प्रभावित होगी।

कंपनी ने खनन के लिए इन बिंदुओं को किया था शामिल

• खनन से पेंड्रावन जलाशय का जल ग्रहण बांध में 6.89 वर्ग किमी की कमी होगी। बाकी 18.36 वर्ग किमी जल ग्रहण क्षेत्र से जलाशय में पूरा भराव हो जाएगा। जो कि तकनीकी रूप से उचित जलाशय एक उच्च प्रतिशत टैंक है। यह टैंक कम रेनफाल की स्थिति में भी नहीं भरा जाता है।

• खोल्हा नाला को 50 मीटर दूरी तक खनन नहीं करना प्रस्तावित किया गया है। लेकिन उस नाला के जल ग्रहण क्षेत्र में खनन से नाला का बहाव प्रभावित होगा।

• कंपनी ने प्रस्ताव रखा कि लोकल नाला का पानी जलाशय की ओर परिवर्तित किया जाएगा। माइन का पानी पंप कर जलाशय में भरा जा सकता है, जो कि व्यवहारिक नहीं है।

• कंपनी ने स्वीकार किया है कि जलाशय के भराव में कमी होने की स्थिति में भाटापारा शाखा नहर द्वारा अवपाशी किया जा सकता है। जबकि पेन्ड्रावन जलाशय का सैच्य क्षेत्र भाटापारा के सैच्य क्षेत्र में सम्मिलित नहीं है। पेन्ड्रावन जलाशय की उपयोगिता की भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लग सकता है।
पेंड्रावन जलाशय के कैचमेंट एरिया में उत्खनन रोकने 7 साल पहले तत्कालीन धरसीवां विधायक देवजी भाई पटेल ने दो दिवसीय पदयात्रा पर निकली थी।

खनन का विरोध करने तत्कालीन MLA ने निकली थी पदयात्रा

पेंड्रावन जलाशय के कैचमेंट एरिया में उत्खनन रोकने 7 साल पहले तत्कालीन धरसीवां विधायक देवजी भाई पटेल ने 2 दिन पदयात्रा निकली थी। वे ग्राम खपरी बंजारी से रायखेड़ा, सोनतरा, मढी, देवगांव, खौना होते हुए पवनी पहुंची। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों के साथ हजारों ग्रामीणों ने भी साथ दिया था।

पैदल भ्रमण के दौरान तत्कालीन MLA देवजी भाई ने कहा था कि, पेंड्रावन जलाशय इस क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के हित से जुड़ा है। इसलिए हम इसे मिटने नहीं देंगे। उन्होंने अपनी यात्रा निजला, सारागांव, बरौण्डा, कुर्रा, बंगोली, धनसुली होते हुए पेंड्रावन टैंक में आमसभा करने के बाद समाप्त की थी।

छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के संयोजक मंडल सदस्य आलोक शुक्ला समिति के सदस्यों के साथ मिलकर किसान हित में निर्णय लेने की अपील राज्य सरकार से करेंगे।

बांध पर खतरा आया, राज्य सरकार से करेंगे अपील

छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के संयोजक मंडल सदस्य आलोक शुक्ला ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि, हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी मिली है। पेंड्रावन जलाशय को कंपनी से बचाने के लिए समिति के सदस्य और ग्रामीणों का एक दल CM साय से मुलाकात करेगा। जलाशय पर खतरा आया है। हम राज्य सरकार से अपेक्षा करते हैं कि किसानों के हित में निर्णय लें।

उन्होंने कहा कि, वहां पर खनन की अनुमति दोबारा ना दी जाए। एक कदम बढ़कर पहले दी गई अल्ट्राटेक कंपनी को दी गई माइनिंग की लीज को रद्द किया जाए। यदि खनन की अनुमति दी गई, तो इलाके में गंभीर जलसंकट हो जाएगा। किसानों की खेती पर संकट होगा।

Comments

Popular posts from this blog

नवाज शरीफ की रैली में पहुंचा असली टाइगर, पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज का इलेक्शन सिम्बल भी शेर

लाहौर/ पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की रैली में एक समर्थक असली टाइगर लेकर पहुंच गया। ‘समा न्यूज’ के मुताबिक- घटना सोमवार 22 जनवरी की है। दरअसल, शेर पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (PML-N) का इलेक्शन सिम्बल भी है। ‘जियो न्यूज’ के मुताबिक- जैसे ही नवाज को रैली में समर्थक के टाइगर लाने की जानकारी मिली, उन्होंने फौरन इसे ‌वापस भेजने को कहा। बाद में पार्टी प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मरियम नवाज ने उर्दू में सोशल मीडिया पोस्ट किया। कहा- समर्थक इस तरह की हरकतें न करें। मामला क्या था नवाज शरीफ लाहौर की एनए-130 सीट से जनरल इलेक्शन लड़ रहे हैं। NA-130 के मायने हैं, नेशनल असेंबली सीट नंबर 130। बहरहाल, नवाज कैम्पेन रैली के लिए सोमवार शाम लाहौर पहुंचे। रैली में लाया गया टाइगर लोहे के पिंजरे में कैद था। लेकिन, इसको देखने के लिए भीड़ जुटने लगी। खबर लगते ही नवाज ने फौरन पार्टी के आला ओहदेदारों को इसे वापस भेजने को कहा। इसके बाद जो शख्स इसे लेकर आया था, वह इसे वापस भी ले गया। पार्टी प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा- नवाज पहले ही कह चुके हैं कि कोई असली टाइगर या कोई दूस...

उबलते पानी में 5 वर्षीय बेटे का सिर पका कर खा गई मिस्र की एक महिला

फाकुस/ मिस्र में एक महिला अपने 5 साल के बच्चे की हत्या कर उसका सिर खा गई। इसके बाद वहां की एक कोर्ट ने 30 सितंबर को उसे पागल घोषित किया है। महिला का नाम हना मोहम्मद हसन बताया गया है। घटना मिस्र के फाकुस इलाके की है। कोर्ट ने अपने फैसले में बताया कि आरोपी हना हसन ने अपने बच्चे को पागलपन की हालत में मार डाला। अब उसे मेंटल हॉस्टिपटल में रखा जाना चाहिए। सबूत मिटाने की कोशिश में बेटे यूसुफ के शरीर को टुकड़ों में काटा जांच में सामने आया कि आरोपी महिला ने एक छुरी ली और अपने घर के सभी दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दी। फिर अपने बेटे के सिर पर तीन बार वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई। हना ने सबूत मिटाने की कोशिश में यूसुफ के शरीर को टुकड़ों में काट दिया। खाना पकाने से पहले स्टोव पर उबलते पानी में बेटे का सिर और मांस के दूसरे टुकड़े डाले और खा लिए। परिवार को पानी की बाल्टी में बॉडी पार्ट्स मिले, तब शक हुआ कोर्ट ने अपने फैसले में बताया की आरोपी मां ने उसके बेटे को चाकू से मारकर उसका सिर पानी की बाल्टी में डाल दिया। कोर्ट ने बताया की युसुफ की हत्या के आरोप में उसकी मां पर तब शक हुई जब बच्चे के चाचा ने घ...