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Showing posts with the label घोटाला एवं फर्जीवाड़ा

ENC के के कटारे घोटालेबाज है

कटारे के कई घोटालों का शिकायत ननकी राम कंवर ने भी किया है  रायपुर. ईओडब्ल्यू को भ्रष्टाचार में आरोपी बनाए गए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (ग्रामीण यांत्रिकी विभाग) के प्रमुख अभियंता केके कटारे ने लिखकर दिया कि प्रकरण की जांच की जरूरत नहीं है। तत्कालीन रायपुर जिले के कसडोल क्षेत्र स्थित बिलाईगढ़ के ग्राम अमरुवा रिकोकला में 2006-07 में 18 लाख रुपए की सड़क बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार हुआ। बोगस बिलिंग कर पूरे मामले में लीपापोती करने की कोशिश की गई। लेकिन, शिकायत पर ईओडब्ल्यू 'ने प्राथमिकी दर्ज कर इसे जांच के दायरे लिया। साथ ही ग्रामीण यांत्रिकी विभाग में पदस्थ तत्कालीन कार्यपालन अभियंता केके कटारे और सहायक अभियंता 'हरिओम शर्मा को आरोपी बनाया। उक्त दोनों की भूमिका की जांच करने के लिए कई दौर की पूछताछ कर बयान लिया। वहीं ईओडब्ल्यू के निदेशक अमरेश कुमार मिश्रा द्वारा कई बार तत्कालीन कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रायपुर हरिओम शर्मा एवं तत्कालीन कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रायपुर केके कटारे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के...

ड्रग अधिकारी एवं नकली दवा व्यापारी का होटल में पार्टी

राजधानी रायपुर में ड्रग विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक खुफिया कैमरे (स्टिंग) में विभाग के आला अधिकारी एक ऐसे व्यक्ति के साथ गोपनीय मुलाकात करते पकड़े गए हैं, जिस पर नकली दवाएं बेचने का संगीन आरोप है। रेस्टोरेंट में दस्तावेजों के साथ हुई चर्चा  जानकारी के अनुसार, एडिशनल ड्रग कमिश्नर संजय नेताम को रायपुर के नेताजी सुभाष स्टेडियम स्थित एक रेस्टोरेंट में आरोपी खेमराम दानी के साथ देखा गया। कैमरे में कैद हुई तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि अधिकारी फाइलों और दस्तावेजों को खोलकर आरोपी के साथ चर्चा कर रहे थे। चर्चा के दौरान अधिकारी द्वारा आरोपी को कानूनी कार्रवाई से बचने के तरीके बताए जाने का संदेह जताया जा रहा है। कौन है आरोपी और क्या है मामला? आरोपी खेमराम दानी का सारंगढ़ में 'सरस्वती मेडिकल स्टोर' है। ड्रग विभाग ने पूर्व में रायपुर के एक गैरेज से नकली दवाओं की एक बड़ी खेप बरामद की थी, जिसकी जांच की कड़ी आरोपी के मेडिकल स्टोर तक पहुंची थी। जांच के दौरान आरोपी के घर और दुकान की तलाशी में लाखों रुपये की बिना बिल वाली दवाइयां जब्त की गई थीं। अधिकारी की स...

फर्जीवाड़ा को संरक्षण देने वाले ड्रग इंस्पेक्टरो के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही होना आवश्यक

मध्यप्रदेश के इंदौर शहर से छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में फर्जी बिल के सहारे नकली दवाइयां ट्रांसपोर्ट की गई हैं। नकली दवाइयों की 7वीं खेप पकड़ाई तब खुलासा हुआ कि करोड़ों की नकली दवाइयों की 6 खेप पहले से खपाई जा चुकी है। चार स्पेशल अफसरों की जांच में इसका खुलासा हुआ है। अफसरों ने इंदौर, रायपुर, बलौदाबाजार और सारंगढ़ जिले के ड्रग माफिया के ठिकानों पर छापेमारी की है। इंदौर के बिजासन मेडिकल स्टोर ने भाठापारा की प्रेम प्रकाश एजेंसी को 4 बार और सारंगढ़ के सरस्वती मेडिकल स्टोर को 3 बार फर्जी बिल से मेडिसिन भेजी गई। इनमें कई दवाइयां नकली हैं। माफिया ट्रांसपोर्ट में एंटीबायोटिक दवाइयां लोड करवाते थे, लेकिन बिल दर्द निवारक दवाइयों का होता था। रिपोर्ट के मुताबिक इस रैकेट का खुलासा ड्रग इंस्पेक्टर्स की मिलीभगत के बाद हुआ है। 7वीं खेप में जब लगभग 50 लाख की बिना लाइसेंस वाली दवाइयां पकड़ी गईं तो सिर्फ 2.24 लाख रुपए की जब्ती बनाई गई। बाकी दवाइयां कारोबारी के घर में छिपा दी गईं। गोदाम का वीडियो सामने आया तब दोबारा जांच हुई। इसमें पता चला है कि कारोबारियों के तार इंदौर से जुड़े हैं। 4 ड्रग इंस्पेक्टर्स...

अवैध फ्लाईऐश गाड़ी को पर्यावरण विभाग ने लेन-देन करके छोड़ दिया

जिले में अवैध फ्लाईऐश का मामला लगातार सामने आ रहा है। इस बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जो चौंकाने वाला है। लैलूंगा पुलिस ने जिस फ्लाईऐश के 9 वाहनों को अवैध डंपिंग करने के मामले में पकड़ा था। वहीं जब आगे की कार्रवाई के लिए मामला पर्यावरण विभाग के सुपुर्द किया तो विभाग ने यह कहते हुए मामले को क्लीन चिट दिया कि संबंधितों को पास फ्लाईऐश डंप करने की अनुमति दी है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि उनके पास अनुमति थी तो वे पुलिस को क्यों नहीं दिखाए। वहीं दो दिन बाद इसकी अनुमति कहां से आ गई। उल्लेखनीय है कि बीते 24 दिसंबर को लैलूंगा पुलिस ने ग्राम सोहनपुर में अवैध रूप से फ्लाई ऐश डंप किए जाने के मामला उजागर किया था। पुलिस ने मौके से 7 हाइवा और 2 ट्रेलर वाहन जब्त किए। पुलिस को सूचना मिली कि फ्लाईऐश बिना किसी वैधानिक अनुमति के ट्रेलर वाहनों के माध्यम से ग्राम सोहनपुर क्षेत्र में खुलेआम डंप किया जा रहा है। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस तो वाहन फ्लाईऐश अनलोड करते पाए गए। चालकों से पूछताछ की गई, लेकिन वे फ्लाई ऐश परिवहन और डंपिंग से संबंधित कोई वैध अनुमति अथवा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

पीडब्ल्यूडी सफाई ठेका में घोटाला

पीडब्ल्यूडी में सफाई के ठेके पर अफसरों की मनमानी जारी है। सफाई के ठेके की अवधि दो साल पहले समाप्त हो चुकी थी, लेकिन इसके तीन साल बाद टेंडर तो लगाया गया, पर उसे ओपन नहीं किया गया। उल्टे ठेकेदार का समय बढ़ाते रहे। इस बात की जानकारी उच्च अधिकारियों को लगी, तो उन्होंने चर्चा के लिए बुलाया। बताया जा रहा है कि टेंडर में मनमाने ढंग से ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए शर्तें जोड़ी गईं। हाईकोर्ट में सफाई का ठेका पीडब्ल्यूडी के माध्यम से होता है। वर्तमान टेंडर मार्च 2023 में समाप्त हो चुका है और इसका काम सतीष कुमार सिंह कर रहे हैं। नियमानुसार टेंडर समाप्त होने के बाद नया टेंडर लग जाना था। पहला टेंडर 4 जुलाई 2023 को लगाया गया था, जिसे 6 जुलाई 2023 को ओपन होना था, लेकिन ओपन नहीं किया गया। दूसरा टेंडर 29 सितंबर 2023 को लगाया गया था, जिसे 4 अक्टूबर 2023 को ओपन होना था, लेकिन इसे भी ओपन नहीं किया गया। तीसरी बार टेंडर 16 फरवरी 2024 को लगाया गया, जिसे 20 फरवरी 2024 को ओपन होना था, लेकिन यह भी ओपन नहीं हुआ। अधिकतम दर और ठेकेदार पर मेहरबानी यह टेंडर 1.462 फीसदी अधिकतम दर पर लगाया गया। बता दें कि यह टेंडर...

ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों ने किया घोटाला तीन निलंबित

स्वच्छता सामग्री घटिया क्वालिटी की खरीदी, पैसे ज्यादा दिए; BJP नेता की शिकायत पर कार्रवाई सक्ती जिले में सरकारी स्कूलों के लिए स्वच्छता सामग्री की खरीदी में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई है। जांच के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने तीन विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बिलासपुर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा ने इस मामले की विस्तृत जांच की थी। जांच में पाया गया कि स्वच्छता सामग्री खरीदने में भंडार क्रय नियमों की गंभीर अवहेलना की गई। सामग्री का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया और घटिया गुणवत्ता के सामान ज्यादा दर पर खरीदी गईं, जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचा। बता दें कि इस गड़बड़ी की शिकायत भाजपा नेता ने की थी। जिसके बाद यह कार्रवाई हुई। मालखरौदा के तत्कालीन शिक्षा अधिकारी त्रिभुवन सिंह जगत और जैजैपुर के शिक्षा अधिकारी विजय कुमार सिदार, दोनों निलंबित कर दिए गए है।। भाजपा नेता ने की थी शिकायत यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब सक्ती नगर मंडल के भाजपा महामंत्री अभिषेक शर्मा ने स्वच्छता सामग्री खरीद में गड़बड़ी की शिकायत की थी। शिकायत के बाद विभाग ने विस्तृत जांच कर...

वन विभाग के घोटाले में 9 अफसर दोषी

रायपुर। विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल में वन विभाग के टेंडर घोटाले को लेकर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सवाल किया। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि धमतरी, गरियाबंद, मुंगेली के लोरमी, जगदलपुर, बीजापुर में हुए टेंडर घोटाले की जांच की गई है। इसमें 37 में से 33 टेंडर में अनियमितता पाई गई है। अनियमितता के लिए सात भारतीय वन सेवा (आइएफएस) और तीन राज्य वन सेवा के अधिकारियों को दोषी पाया गया है। सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 15 दिन में जवाब मिलने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। टेंडर घोटाले की जांच अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) ने की है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों ने सामग्री की खरीदी के लिए टेंडर किया था। यह प्रश्न वर्ष 2020 के विधानसभा सत्र के दौरान भी पूछा गया था और आज एक बार प्रश्न पूछा गया है। कौशिक ने पूछा कि अधिकारियों के खिलाफ कब तक कार्रवाई होगी। मंत्री अकबर ने बताया कि 15 दिन में जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कौशिक ने कहा कि यह सिर्फ चार जिले का मामला है। बलरामपुर जिले में भी एक म...

RES के ठेकेदार ने बिना कालम के मकान बनाए

अधिकारियों के खिलाफ भष्टाचार निवारंण अधिनियम के तहत कार्यवाही होना चाहिये  सरगुजा जिले में पहाड़ी कोरवाओं के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनवाए जा रहे मकानों की नींव ही कमजोर है। जिला पंचायत के इंजीनियरों की नायाब इंजीनियरिंग का नमूना यह है कि दो लाख रुपए से पहाड़ी इलाकों में बिना कॉलम का मकान खड़ा कर दिया गया है। मकान के ऊपर छत भी ढाल दी गई, है जो कभी भी गिर सकती है। घर बनाने में बरती गई लापरवाही के बाद भी विभाग के अफसर रिपोर्ट में ओके लिखकर पूरा भुगतान कर चुके हैं। दो कमरे का आवास बनाने में ठेकेदार की मनमानी चली है और निगरानी करने वाले विभाग के इंजीनियर और ग्राम सचिव मूकदर्शक बने हुए है। सरगुजा जिले में पीएम जनमन के तहत 2565 घर बनने हैं, जिनमें से 1260 घर बन चुके हैं। मैनपाट के पिडिया ग्राम पंचायत के घोराघाट में ठेकेदार शंकर यादव और राजेश यादव ने 30 मीटर के एरिया में तीन घरों को एक-दूसरे की दीवार से सटाकर बना दिया है। ठेकेदार ने संतोष कोरवा और सूखल कोरवा के घर के बीच में ढुढीबाई का घर सिर्फ इसलिए बनवाया है ताकि दो तरफ से दीवार न बनानी पड़े और लागत बच जाए। हैरानी की बात यह ह...

आर ई एस के इंजीनियरों ने किया घोटाला

ठाकुर प्यारेलाल प्रशिक्षण केन्द्र निमोरा परिसर के रेस्ट हाउस में टूट फूट, रंग-रोगन कार्य में बड़ा टेंडर घोटला सामने आया है। यहाँ आरईएस यानी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारियों ने टेंडर के पहले ही ठेकेदारों करोड़ों का काम करवा दिया है। इस पर करीब 4 करोड़ 30 लाख रुपय के टेंडर फानइल होने के पहले काम करवा दिया गया। ठाकुर प्यारेलाल अकादमी के गेस्ट हाउस नंबर 3 और 4 के रंग रोगन और रिनोवेशन के नाम पर किया गया है। इसमें रंगाई पोताई, सेनटरी फिटिंग फर्नीसिंग, फर्नीचर सेटअप और छत में वाटर पूफिंग का कार्य शामिल है। टेंडर 13 नंवबर को आनलाइन और दैनिक समाचार पत्रों में जारी किया की गया। 19 नंवबर को फार्म जमा करने 26 नंवबर को टेंडर खोलने की फ़ाइनल डेट बताई गई। यह पूरा काम आईटम रेट तरीके से किया गया। जबकि कांफ्रेंस ही 28-30 नवंबर तक आयोजित की गई थी। यहां उल्लेखनीय है कि बिल्डिंग को रेनोवेट करने का ठेका, कांफ्रेंस से ठीक 15 दिन पहले निकाला गया। इन रेस्ट हाउस को डीजीपी और समकक्ष अफसरों के स्तर का रेनोवेट करना था। जबकि डीजीपी कांफ्रेंस में पीएम मोदी, गृहमंत्री शाह के आगमन को लेकर एक वर्ष पहले से शेड्यूल ब...

धान का कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत भी कार्यवाही होना चाहिए

प्रदेश में अवैध भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय करते हुए प्रशासन ने अब तक लगभग 1 लाख 52 हजार क्विंटल धान जब्त किया है। यह कार्रवाई 1 नवंबर से जारी है.. छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारम्भ होने के पूर्व से ही प्रदेश में अवैध धान के भण्डारण एवं परिवहन से आने वाले धान की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पिछले एक नवंबर से 6 दिसम्बर तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से एक लाख 51 हजार 809 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इस बार मार्कफेड द्वारा राज्य में अवैध परिवहन के जरिए अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले धान को रोकने के लिए राज्य के सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट और कलेक्टर की अध्यक्षता में टॉस्कफोर्स भी बनाए गए हैं। इसके साथ ही मार्कफेड में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की सतत् निगरानी की जा रही है। 1 नवंबर से जारी है अभियान मार्कफेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक नवंबर से 6 दिसम्बर के अवधि में मण्डी अधिनियम 1972 के तहत सीमावर्ती विभिन्न जिलों से छत्तीसगढ़ राज्य में अवैध परिवहन के माध्यम से आने वाले धान पर कार्यवाही की जा रही है। इन...

छत्तीसगढ़ में खाद की कालाबाजारी 300 में मात्र 4 पर FIR

देशभर में खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और गलत जगह सप्लाई के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। जिस पर छत्तीसगढ़ पांचवें स्थान पर है। केंद्र सरकार ने लोकसभा में आंकड़े पेश किए है। जिसके अनुसार, 1 अप्रैल से 28 नवंबर 2025 के बीच राज्य में खाद की कालाबाजारी पर 294 खाद विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए। इनमें से 13 विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए गए, जबकि 4 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस ने खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कालाबाजारी को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए जमकर हंगामा किया था। विपक्ष ने आरोप लगाया कि, किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है और अवैध तरीके से इसकी जमाखोरी की जा रही है। यूपी सबसे आगे, एमपी टॉप-3 में केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में खाद की कालाबाजारी, खराब क्वालिटी, गलत जगहों पर सप्लाई जैसे मामले में 197 एफआईआर दर्ज की गईं, जो देश में सबसे ज्यादा है। राजस्थान 103 एफआईआर के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं, 91 एफआईआर दर्ज कर मध्य प्रदेश तीसरे नंबर पर है। खाद के मामले में राज्यों की स्थिति • कालाबाजारी में हर मोर्चे पर उ...

पीडब्ल्यूडी के भ्रष्ट्र अधिकारी मजे कर रहे हैं

निर्माण विभागों में पीडब्ल्यूडी एक ऐसा विभाग है जहां तमाम सीनियर अफसर भ्रष्टाचार की जांच के घेरे में हैं। और तो और 15 इंजीनियर विभागीय जांच में दोषी भी पाए गए हैं। यही नहीं, 53 अफसरों के खिलाफ तो ईओडब्ल्यू-एसीबी में केस दर्ज हैं। इनमें से कई तो रिटायर भी हो गए हैं। प्रदेश में पीडब्ल्यूडी का सालाना बजट करीब 6 हजार करोड़ से अधिक है। चुनावी साल में सडक़ से लेकर ब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है। इन सबके बीच निर्माण से जुड़े तमाम बड़े अफसरों के खिलाफ अलग-अलग तरह की जांच चल रही है। हाल यह है कि कई अफसर तो रिटायर हो गए हैं, लेकिन ईओडब्ल्यू-एसीबी में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की पड़ताल हो रही है। बताया गया कि दो पूर्व ईएनसी जीएस सोलंकी, और पीएस क्षत्रिय के खिलाफ ईओडब्ल्यू-एसीबी में केस दर्ज है। उनके खिलाफ जांच अभी भी खत्म नहीं हुई है। यही नहीं, मौजूदा ईएनसी केके पिपरी, और उनके पूर्ववर्ती प्रभारी ईएनसी वीके भ्रतपहरी के खिलाफ भी ईओडब्ल्यू-एसीबी में केस दर्ज है। कुल मिलाकर 53 इंजीनियरों के खिलाफ अकेले ईओडब्ल्यू-एसीबी में केस दर्ज है। दूसरी तरफ, पीडब्ल्यूडी के 36 अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले ...

अरपा भैंसझार परियोजना में 8 एस डी एम ने 7 करोड़ का घोटाला किया

अरपा भैंसाझार परियोजना के मुआवजा प्रकरण में 8 एस डी एम ने 7 करोड़ का घटाला एवं फर्जीवाड़ा किया है। घोटाला करने वाले एस डी एम का नाम राजेन्द्र गुप्ता, मृतन कंवर, डी आर डाहिरे, देवेन्द्र पटेल, कीर्तिमान सिंह राठौर, डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, आनंद रूप तिवारी एवं आई ए एस अधिकारी देवेश ध्रुव है।

खनिज अधिकारियों के संरक्षण में 1 हजार करोड़ का रायल्टी चोरी

छत्तीसगढ़ के पंचायतों लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, पी एच ई, छत्तीसगढ़ मेडिकल कॉर्पोरेशन, छत्तीसगढ़ वेयर हाउस, नगरीय निकायों मंडी बोर्ड एवं अन्य कई विभागों के निर्माण कार्यों में लगभग 70 प्रतिशत बिना रायल्टी वाला खनिज सामान का उपयोग किया जा रहा है जिसके कारण शासन को 5 साल के अन्दर लगभग 1 हजार करोड़ रुपए के डी एम एफ राशि एवं रायल्टी राशि का नुकसान हुआ है यह सब रायल्टी चोरी खनिज अधिकारियों के संरक्षंण में हो रहा है कारखानों एवं राईस मिलों तथा बिल्डरों के निर्माण कार्यों में भी लगभग 70 प्रतिशत बिना रायल्टी का ही खनिज सामान का उपयोग हो रहा है

जी एस टी अधिकारियों के संरक्षण में 5 हजार करोड़ का जी एस टी चोरी

छ.ग. के पंचायतों लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग पी एच ई, छ.ग. मेडिकल कार्पोरेशन, छ.ग. वेयर हाउस नगरीय निकायों, मंडी बोर्ड एवं अन्य कई विभागों के निर्माण कार्यों में लगभग 70 प्रतिशत बिना जी एस टी बिल वाला खनिज सामान का उपयोग किया जा रहा है जिसके कारंण शासन को 5 साल के अन्दर लगभग 5 हजार करोड़ के जी एस टी राशि का नुकसान हुआ है यह सब जी एस टी चोरी जी एस टी अधिकारियों के संरक्षण में हो रहा है। कारखानों एवं राईस मिलों तथा बिल्डरों के नर्माण कार्यों में भी लगभग 70 प्रतिशत बिना जी एस टी वाला खनिज सामान का उपयोग हो रहा है। छत्तीसगढ़ के खनिज अधिकारियों ने 3 साल के अन्दर लगभग 15 हजार ट्रकों एवं ट्रेक्टरों को बिना जी एस टी बिल एवं बिना रायल्टी वाला खनिज सामान का  ढुलाई करते हुए पकड़ा है इन वाहनों के खिलाफ जी एस टी अधिकारियों को कर्यवाही करना चाहिये लेकिन शिकायत के बाद भी कार्यवाही नहीं किया जा रहा है जो की बहुंत बड़ा लापरवाही है।

सरकारी दवाई को बाजार में बेचने वाले के खिलाफ पुलिस मे FIR होना आवश्यक है

रायपुर गुढ़ियारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सरकारी दवा टिटनेस रेबीज के इंजेक्शन को शासकीय कर्मचारी फार्मासिस्ट ने एक निजी मेडिकल स्टोर में बिक्री करने हेतु गलत ढंग से रखा था जिसमें जांच के बाद फार्मासिस्ट निरज वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है। यह एक भ्रष्टाचार का पकरंण है इसलिये फार्मासिस्ट एवं मेडिकल स्टोर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारंण अधिनियम के तहत पुलिस में FIR दर्ज होना आवश्यक है

मुख्य अभियंता एवं अधीक्षंण अभियंताओं द्वारा मुख्य तकनीकी परीक्षक के जांच पर कार्यवाही नहीं

छ.ग. के लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, पी एच ई, प्रधानमंत्री सड़क योजना एवं हाउसिंग बोर्ड के लगभग एक हजार निर्माण कार्यों में ठेकेदारों ने अभियंताओं के संरक्षण में कई प्रकार से घटिया निर्माण कार्य करके भारी घोटाला एवं फर्जीवाड़ा किया है, जिस‌को मुख्य तकनीकी परीक्षक रायपुर ने जांच करके पकड़ा है। मुख्य तकनीकी परीक्षक ने घटिया निर्माण के दोषी अभियंताओं एवं दोषी ठेकेदारों के खिलाफ कार्यवाही करने हेतु मुख्य अभियंताओं एवं अधीक्षण अभियंताओं को जांच प्रतिवेदन भेजा है जिसमें मुख्य अभियंताओं एवं अधीक्षण अभियंताओं द्वारा दोषी अभियंताओं के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्यवाही नहीं किया जा रहा है जिसके कारंण भ्रष्टाचार बढ़ रहा है।

छात्रावासों के नाम पर भारी फर्जीवाड़ा

दुर्ग जिले के आदिम जाति कल्याण विभाग से बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। यहां के अफसर शासन से आदिवासी बच्चों के विकास और उत्थान के लिए आई राशि ही डकार गए हैं। फर्जी बिल, अधीक्षकों के फर्जी सील और हस्ताक्षर से लाखों रुपए निकाल लिए गए हैं। भ्रष्टाचार का यह खेल साल 2019 से 2023 तक चला है। दरअसल जिले के दुर्ग, धमधा, पाटन ब्लॉक मिलाकर कुल 30 छात्रावास हैं, जहां अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राएं रहकर पढ़ाई करते हैं। राज्य सरकार इन छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की सुविधा के लिए आकस्मिक व्यय और दवाइ‌यों के लिए विशेष मद पर लाखों रुपए का फंड देती है। दुर्ग जिले के लगभग 30 छात्रावास में साल 2019 से 2023 तक बच्चों के लिए आए दवाइयों और आकस्मिक व्यय के नाम पर फर्जी बिल बनाकर हर महीने लाखों रुपए निकालते रहे। जबकि छात्रावासों में ये सामान पहुंचे ही नहीं। इस फर्जीवाड़ा के लिए हॉस्टल अधीक्षकों के फर्जी सील, यहां तक की साइन का भी इस्तेमाल किया गया। इस संबंध में जिले के अलग-अलग ब्लॉकों को छात्रावास अधीक्षकों से बात की तो उन्होंने संबंधित बिलों को फर्जी बताते हए छात्रावासों में किसी तरह ...

बेमेतरा के पूर्व श्रम पदाधिकारी ने किया फर्जीवाड़ा

श्रम विभाग की हितग्राही मूलक योजनाओं में गड़बड़ी करने के मामले में श्रम विभाग में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारी को लौटाया गया है। वर्तमान श्रम पदाधिकारी ने श्रमिकों के आवास निर्माण के लिए दिए जाने वाले अनुदान को प्रदान करने वाली योजनाओं में हुई गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा है। शिकायत करने वाली पार्षद नीतू कोठारी ने विभागीय कार्रवाई को नाकाफी बताया और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। श्रम पदाधिकारी कार्यालय में श्रम कल्याण निरीक्षक पद पर प्लेसमेंट कर्मचारी छलेश्वर साहू को लेकर सक्षम अधिकारी के समक्ष की गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि विभागीय योजनाओं के लाभान्वित अभ्यर्थियों को गलत प्रमाण-पत्र जारी कर शासन को आर्थिक हानि पहुंचाई गई है। शिकायत के बाद एक टीम का गठन किया गया था। टीम द्वारा की गई जांच में श्रम कल्याण निरीक्षक द्वारा रजिस्टर्ड ट्रेड यूनियन के नियुक्ति प्रमाण-पत्रों का दुरुपयोग करते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिलने दिया जाना पाया गया था। जांच में शिकायतों की पुष्टि होने पर अपर कलेक्टर द्वारा छलेश्वर साहू ...