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Showing posts with the label रायगढ़

अवैध फ्लाईऐश गाड़ी को पर्यावरण विभाग ने लेन-देन करके छोड़ दिया

जिले में अवैध फ्लाईऐश का मामला लगातार सामने आ रहा है। इस बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जो चौंकाने वाला है। लैलूंगा पुलिस ने जिस फ्लाईऐश के 9 वाहनों को अवैध डंपिंग करने के मामले में पकड़ा था। वहीं जब आगे की कार्रवाई के लिए मामला पर्यावरण विभाग के सुपुर्द किया तो विभाग ने यह कहते हुए मामले को क्लीन चिट दिया कि संबंधितों को पास फ्लाईऐश डंप करने की अनुमति दी है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि उनके पास अनुमति थी तो वे पुलिस को क्यों नहीं दिखाए। वहीं दो दिन बाद इसकी अनुमति कहां से आ गई। उल्लेखनीय है कि बीते 24 दिसंबर को लैलूंगा पुलिस ने ग्राम सोहनपुर में अवैध रूप से फ्लाई ऐश डंप किए जाने के मामला उजागर किया था। पुलिस ने मौके से 7 हाइवा और 2 ट्रेलर वाहन जब्त किए। पुलिस को सूचना मिली कि फ्लाईऐश बिना किसी वैधानिक अनुमति के ट्रेलर वाहनों के माध्यम से ग्राम सोहनपुर क्षेत्र में खुलेआम डंप किया जा रहा है। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस तो वाहन फ्लाईऐश अनलोड करते पाए गए। चालकों से पूछताछ की गई, लेकिन वे फ्लाई ऐश परिवहन और डंपिंग से संबंधित कोई वैध अनुमति अथवा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

पर्यावरण एनओसी में फर्जीवाड़ा

• खुद ही टीपाखोल डैम को डुबाने में जुटा विभाग, पर्यावरणीय अनुमति में छिपाई जानकारी टीपाखोल डैम के डूब क्षेत्र से महज 50 मीटर पर क्वाट्र्जाइट खनन के लिए खनिपट्टा स्वीकृत कर लिया गया। खनिज विभाग, राजस्व विभाग और जल संसाधन विभाग को मालूम भी है, लेकिन पर्यावरणीय अनुमति में इसका जिक्र तक नहीं। यंगटी इंटरप्राइजेस की वजह से टीपाखोल डैम पर खतरा मंडराने लगा है। यंगटी इंटरप्राइजेस को क्वाट्र्जाइट खदान के लिए टीपाखोल में सरकारी भूमि खसरा नंबर 108/1 रकबा 10.4270 हे. में से 6.175 हे. पर खनिपट्टा स्वीकृत किया गया। इस प्रक्रिया में सारे नियम धरे के धरे रह गए। जिन पर पारदर्शी तरीके से काम करने की जिम्मेदारी थी उन्होंने ही सरकार को अंधेरे में रखा। सरकारी जमीन को चंद लाख रुपए सालाना राजस्व के लिए खदान में बदल दिया। 1975 से मौजूद इस डैम के बारे में 2009 में मिली पर्यावरणीय स्वीकृत में जानकारी नहीं दी गई। ऐसा भी नहीं है कि किसी ने जांच नहीं की। प्रतिवेदन में साफतौर पर यंगटी इंटरप्राइजेस संचालक दुर्गा दिनोदिया को बचाने के लिए अधिकारियों ने सच को दरकिनार कर दिया गया। किसी भी सिंचाई डैम के इतने नजदीक खनिपट्ट...

पशुपालन विभाग के भर्ती में फर्जीवाड़ा

• पशुपालन विभाग में भर्ती का मामला, अदालत ने छह महीने में जांच कर कार्रवाई करने दिया था आदेश पशुपालन विभाग में 2012 में हुए भर्ती घोटाले में न तो दोषियों को दंड मिल सका है और न ही अपात्रों पर कोई कार्रवाई हुई। हाईकोर्ट ने 15 फरवरी 2024 को आदेश में कहा था कि छह महीने में जांच कर कार्रवाई की जाए। अब जिला प्रशासन ने समय सीमा पार कर दी है। पशुपालन विभाग में हुई भर्ती की दोबारा जांच शुरू की गई थी। 2012 में स्वच्छकर्ता/ परिचारक सह चौकीदार के 32 पदों पर नियुक्ति होनी थी लेकिन तत्कालीन उप संचालक डॉ. एसडी द्विवेदी ने मनमानी करके लिखित परीक्षा लेने का प्रावधान जोड़ दिया। परीक्षा के बाद 32 के बजाय 42 को ज्वाइनिंग लेटर दे दिए गए, तब एक आवेदक आनंद विकास मेहरा ने नियुक्ति में अनियमितता की शिकायत कलेक्टर रायगढ़ से की। कलेक्टर ने तुरंत जांच के आदेश दिए थे। जांच में पूरी गड़बड़ी सामने आ गई। आंसर शीट में कई आवेदकों को नंबर बढ़ाकर दिए गए। 27 सितंबर 2012 को कलेक्टर ने नियुक्ति को निरस्त कर दिया। चार डॉक्टरों को सस्पेंड किया गया था। इनके विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। इसके खिलाफ 44 लोगों ने अपील की थी।...

मुआवजा में 300 करोड़ का फर्जीवाड़ा

• एसडीएम, तहसीलदार, आरआई, पटवारी, बाबू सबकी सांठगांठ से हुआ बजरमुड़ा घोटाला • तत्कालीन अपर कलेक्टर तक पहुंच सकती है आंच, कई अफसर फंसेंगे इसीलिए शासन ने छिपाई रिपोर्ट बजरमुड़ा मुआवजा घोटाले की कहानी बहुत दिलचस्प है। जिन अफसरों पर भरोसा करके छग सरकार ने घरघोड़ा और तमनार में पदस्थ किया था, उन्होंने ही सरकार की जेब काट ली। छग सरकार को मुश्किल से सौ करोड़ का मुआवजा देना पड़ता लेकिन बजरमुड़ा में 415 करोड़ की गणना कर दी गई। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई हुई तो तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, आरआई, पटवारी, रीडर, बाबू, दलाल जेल जाएंगे। यह केस सीबीआई को सौंपने लायक है। रायगढ़ जिले ने राज्य को गौरवान्वित करने के ज्यादा अवसर भले ही न दिए हों, लेकिन भूमि अधिग्रहण के नए नियम जरूर लागू कर दिए। सरकार भले ही चीखती रहे कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस होगा, अफसरों पर कार्रवाई होगी लेकिन वही अधिकारी घोटालों की नई कहानियां लिख रहे हैं। सीएसपीडीसीएल को आवंटित कोल ब्लॉक गारे पेलमा सेक्टर-3 के गांव बजरमुड़ा में मुआवजा गणना में ही खेल किया गया। जहां घास थी वहां भी 2000 पेड़ दिखा दिए। असिंचित भूमि को सिंचित बताकर मुआवजा...

पर्यावरण एवं खनिज विभाग का अवैध खनन को संरक्षण

मंगल स्टोन क्रशर मामले में दो हफ्ते में मांगा जवाब • एनजीटी में हुई सुनवाई, दो पक्षों ने दिए जवाब दो के बाकी रायगढ़, 4 सितंबर । नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने खरसिया के बानीपाथर में मंगल स्टोन क्रशर के अवैध खनन मामले में संज्ञान लिया है। इसकी सुनवाई भोपाल सेंट्रल जोन बेंच में सोमार को हुई। एनजीटी ने चार पक्षकारों से जवाब मांगा था। दो ने जवाब दे दिए जबकि अन्य दो को दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है। लीज एरिया से अधिक भूमि पर खनन के मामले को एनजीटी ने बेहद गंभीर माना है। खरसिया के बानीपाथर में मंगल स्टोन क्रशर संचालक ने के बिना अनुमति के लीज एरिया से अधिक क्षेत्रफल में खनन करने के मामले में प्रकाशित समाचार पर एनजीटी ने प्रकरण दर्ज किया है। मंगल स्टोन क्रशर संचालक ने डेढ़ हेक्टेयर में लाइमस्टोन खनिपट्टा की अनुमति ली है। खरसिया के बानीपाथर में मंगल स्टोन क्रशर संचालक ने के बिना अनुमति के लीज एरिया से अधिक क्षेत्रफल में खनन करने के मामले में प्रकाशित समाचार पर एनजीटी ने प्रकरण दर्ज किया है। मंगल स्टोन क्रशर संचालक ने डेढ़ हेक्टेयर में लाइमस्टोन खनिपट्टा की अनुमति ली है। वर्ष 2017 से 2047 तक 30 स...

रायगढ़ में हो रहे "केलो महोत्सव" में सिंगर नितिन दुबे को केलो धरोहर सम्मान से सम्मानित किया गया

रायपुर/ कला एवं सांस्कृतिक विरासत की नगरी रायगढ़ रही है। इस शहर के सिंगर नितिन दुबे को केलो धरोहर सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान केलो उद्धार समिति के कार्यक्रम में रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक ने सिंगर नितिन दुबे को दिया। केलो रायगढ़ की प्रसिद्ध नदि का नाम है। पहली बार "केलो महोत्सव" नाम के कार्यक्रम में नितिन दुबे को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी तादाद में श्रद्धालु केलो महाआरती में शामिल हुए। कार्यक्रम में नितिन दुबे ने खुद का लिखा और संगीतबद्ध किया गया गीत "जय होवय केलो महतारी दाई मोर, निर्मल बहे तोर धार दाई मोर, आरती गावय संसार" सॉन्ग परफॉर्म किया। स्थानीय लोगों के आग्रह पर नितिन जल्द ही इस सॉन्ग का वीडियो भी लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं। 3 जुलाई 1981 को रायगढ़ छत्तीसगढ़ में जन्मे नितिन दुबे महज 7 साल की उम्र से स्टेज परफॉर्मेंस दे रहे हैं। अब फिल्मांे के लिए गाते हैं, इनके सिंगल वीडियोज भी पसंद किए गए हैं। 300 मिलियन यानी करीब 30 करोड़ व्यूज इनके गानों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में मिल चुके हैं। इसी के साथ नितिन छत्तीसगढ़ में सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले इंड...