नगालैंड-अरुणाचल से रायगढ़, रायपुर व दुर्ग में वाहनों के रजिस्ट्रेशन, इसकी फाइलें गायब
• भास्कर इंवेस्टिगेशन-3 - भास्कर के पास सीएजी रिपोर्ट, आरटीओ को लिखा- इसमें आपके अफसर शामिल
देश में गाड़ियों के फर्जी रजिस्ट्रेशन और एनओसी मामले की पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। नगालैंड और अरुणाचल की फर्जी गाड़ी नंबर के आधार पर एक हजार से ज्यादा गाड़ियों का रायपुर, रायगढ़ व दुर्ग में रजिस्ट्रेशन हुआ। उसकी फाइल ही आरटीओ से गायब हो गई है। इस मामले में भास्कर टीम के हाथ भारत के नियंत्रक एवं महालेखाकार (सीएजी) के प्रधान महालेखाकार छत्तीसगढ़ की ऑडिट रिपोर्ट लगी है।
इसमें साफ लिखा है कि नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश से आ रही गाड़ियों का रायपुर, दुर्ग और रायगढ़ आरटीओ-डीटीओ में बिना वैध व अनिवार्य दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन किया गया है। उन गाड़ियों को नंबर भी जारी किया गया है। ऑडिट में सीएजी इंस्पेक्टर्स को गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की फाइलें गायब मिलीं है। ये फाइलें 2017 से जनवरी 2024 के बीच की हैं।
सीएजी ने लिखा है कि यह गंभीर वित्तीय अनियमितता है। सरकार और परिवहन विभाग को चिट्ठी लिखी है। इसके बावजूद विभाग ने आज तक न जांच कराई। न दोषियों पर कार्रवाई की गई। हालांकि रायपुर, दुर्ग, रायगढ़ समेत कई शहरों की पुलिस ने केस दर्ज किया है। गिरोह से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की है। आरोपियों ने भी नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों के नाम बताए थे।
इसे लेकर पुलिस ने आरटीओ को चिट्ठी लिखी है। पुलिस ने भी अपनी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई। सिर्फ गाड़ी खरीदी, बिक्री और किराए पर लेने वालों तक सिमट कर रह गई। पीड़ित आज भी अपनी गाड़ियों के तलाश में भटक रहे हैं। पुलिस ने उसे रिकवरी का भी प्रयास नहीं किया।
रायगढ़ आरटीओ से ही 137 फाइलें गायब
सीएजी ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार नवंबर 2018 से फरवरी 2022 के बीच जिला परिवहन कार्यालय रायगढ़ में अरुणाचल और नगालैंड की 140 गाड़ियों का री-रजिस्ट्रेशन किया गया। इनमें 3 गाड़ियों को छोड़ किसी की फाइल नहीं मिली।
सीएजी के अनुसार (ऑडिट ऑफिसर, रायगढ़ डीटीओ को लिखते हैं।) - ऐसा प्रतीत होता कि फाइलें ऑफिस के किसी कंसर्न ऑफिसर द्वारा हटाई गई हैं। इसमें कार्यालीन अफसर की संलिप्तता है। 33 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन बिना आईडी प्रूफ, बीमा पॉलिसी दस्तावेज और ऑरिजनल आरसी के हुआ। टाटा मोटर्स ने सत्यापित किया कि 123 गाड़ियां उनकी कंपनियों की नहीं, क्योंकि इनके चेचिस नंबर कंपनी के रिकॉर्ड में नहीं है।
दुर्ग की 424 गाड़ियों में 31 के ही चेसिस नंबर सही
सीएजी के अनुसार दुर्ग आरटीओ में सितंबर 2020 से सितंबर 2022 के बीच 424 गाड़ियों का री-रजिस्ट्रेशन हुआ है। इनमें 265 गाड़ियां अरुणाचल व 159 नगालैंड से आई हैं। इनमें से अधिकांश मध्यप्रदेश और अरुणाचल प्रदेश की थी। जिन्हें एक दिन में ही आरटीओ ने एनओसी दे दी। इन्हें टीसी सीरीज का नंबर दी गई, जो डीलर्स को दी जाती है। टाटा मोटर्स और अशोक लेलैंड ने 424 में 31 चेसिस नंबर ही सही पाए हैं।
रायपुर को नगालैंड के फेक आरटीओ से एनओसी जारी
रायपुर के खमतराई पुलिस ने 19 दिसंबर 2022 को चेचिस नंबर, इंजन नंबर के टेम्पेरेरी पंचिंग की शिकायत पर CG04-NY-6053 नंबर की गाड़ी सीज की। इस पर केस दर्ज कर 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की टीम नार्थ-ईस्ट में जांच करने नहीं गई। इसमें कई लोगों का नाम सामने आया। पुलिस के पत्र पर आरटीओ ने बताया कि अक्टूबर 2022 को नगालैंड से फेक आरटीओ से जारी एनओसी पर गाड़ी का री-रजिस्ट्रेशन किया गया।
सीधी बात
एस प्रकाश, सचिव व आयुक्त परिवहन विभाग छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में बिना दस्तावेज के गाड़ियों का री रजिस्ट्रेशन हो रहा है?
आरटीओ में पूरा काम ऑनलाइन हो रहा है। पोर्टल में पूरे दस्तावेज की जरूरत होती है।
फर्जी रजिस्ट्रेशन को लेकर सीएजी ने आरटीओ की सांठगांव का संदेह जताया है?
मुझे इसकी जानकारी नहीं है। कोई चिट्ठी आई होगी तो मैं दिखवाता हूं।
इस फर्जीवाड़े में जो लोग शामिल हैं, उन पर कार्रवाई होगी?
मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। जो भी दोषी होंगे। उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतों पर परिवहन विभाग की चुप्पी, क्यों?
भास्कर के खुलासे के बाद अब पीड़ित सामने आ रहे हैं। रायपुर निवासी शख्स ने भास्कर को शिकायत पत्र भेजा, जो उन्होंने मार्च में अपर परिवहन आयुक्त, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रायपुर को भेजा था। मार्च में हुई इस शिकायत पर विभाग ने जांच नहीं की।

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