पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास आरंग की छात्राओं ने मेस समिति के विरुद्ध की शिकायत
छात्राओं ने शिकायत की है कि मेस समिति भरपेट और सही खाना उपलब्ध नहीं करा रही है। इसका विरोध करने पर समिति के सदस्य अभद्र व्यवहार करते हैं। इसकी जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर समिति को भंग कर दूसरी बनाएंगे।
रायपुर जिले के आरंग में संचालित पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास के मेस में छात्राओं को न ही भरपेट खाना नहीं मिल रहा है और न ही खाना की क्वालिटी सही है। छात्राओं ने छात्रावास की मेस समिति पर आरोप लगाया है कि घटिया और कम खाना देने का विरोध करने पर समिति के सदस्यों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। इस शिकायत को लेकर छात्राओं ने आदिम जाति विकास विभाग कार्यालय पहुंचकर इसकी लिखित शिकायत की है। इधर इस मामले में विभाग के अधिकारी का कहना है कि मेस का संचालन छात्राओं का ही एक ग्रुप करता है। इस मामले की जांच की जाएगी। जांच में अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो मेस समिति को भंग कर दूसरी समिति बनाई जाएगी।
आरंग स्थित पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास की 30-35 छात्राएं शुक्रवार को कलेक्टोरेट पहुंची थीं। इन सभी छात्राओं को कलेक्टोरेट मुख्यालय के मेन गेट के सामने तैनात पुलिस बल ने रोक दिया। छात्राओं के एक साथ कलेक्टोरेट पहुंचने से कुछ देर के लिए आदिम जाति विकास में भी हड़कंप मच गया था।
पुलिस द्वारा दी गई सूचना पर विभाग के अधिकारी तुरंत मुख्य गेट पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत की। इस दौरान छात्राओं ने उन्हें ज्ञापन देते हुए मेस समिति को हटाए जाने की मांग की। छात्राओं की बात सुनने के बाद अधिकारी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि स्वयं छात्रावास आकर इस मामले की पड़ताल करेंगे। इस दौरान वे मेस समिति के सदस्यों के साथ छात्रावास की अधीक्षिका से भी बात करेंगे। इस पड़ताल में शिकायतें सही पाई गईं, तो समिति को भंग कर उसकी जगह नई समिति को मेस संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी।
छात्राओं का एक ग्रुप करता है मेस का संचालक
मेस का संचालन छात्राओं का एक ग्रुप करता है। इस समिति को प्रति छात्रा के हिसाब से शासकीय दर 12 सौ रुपए प्रति माह दिया जाता है। समिति द्वारा इस राशि के हिसाब से छात्राओं को सुबह का नास्ता, दोपहर एवं रात के भोजन की व्यवस्था की जाती है।
5-5 सौ रुपए छात्राओं से अतिरिक्त राशि ली जा रही
छात्राओं ने आरोप लगाया है कि मेस समिति को विभाग द्वारा नास्ता-भोजन की व्यवस्था के लिए भुगतान किया जाता है। इसके बाद भी समिति सभी छात्राओं से 5-5 सौ रुपए ले रही है। छात्राओं का कहना है कि इसके बाद भी समिति द्वारा छात्राओं को अच्छा एवं पेटभर भोजन परोसा नहीं जा रहा है।
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