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वन विभाग के घोटाले में 9 अफसर दोषी


रायपुर।
विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल में वन विभाग के टेंडर घोटाले को लेकर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सवाल किया। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि धमतरी, गरियाबंद, मुंगेली के लोरमी, जगदलपुर, बीजापुर में हुए टेंडर घोटाले की जांच की गई है। इसमें 37 में से 33 टेंडर में अनियमितता पाई गई है। अनियमितता के लिए सात भारतीय वन सेवा (आइएफएस) और तीन राज्य वन सेवा के अधिकारियों को दोषी पाया गया है। सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 15 दिन में जवाब मिलने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। टेंडर घोटाले की जांच अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) ने की है।

नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों ने सामग्री की खरीदी के लिए टेंडर किया था। यह प्रश्न वर्ष 2020 के विधानसभा सत्र के दौरान भी पूछा गया था और आज एक बार प्रश्न पूछा गया है। कौशिक ने पूछा कि अधिकारियों के खिलाफ कब तक कार्रवाई होगी। मंत्री अकबर ने बताया कि 15 दिन में जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कौशिक ने कहा कि यह सिर्फ चार जिले का मामला है। बलरामपुर जिले में भी एक मामला आया है। ऐसे ही मामले पूरे प्रदेश भर में देखने को मिलेंगे। सामाग्री खरीदी में लगभग हर जगह अनियमितताएं पाई जा रही है। भंडार क्रय नियम का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। प्रदेश सरकार दोषियों पर कार्यवाही न करके उनको संरक्षण दे रही है।

इन अधिकारियों को पाया गया दोषी

भारतीय वन सेवा के नायर विष्णुराज नरेंद्रन, आयुष जैन, अमिताभ बाजपाई, स्टाइलो मंडावी, केएल निर्मलकर, विजया विनोद कुर्रे और अशोक कुमार पटेल को दोषी पाया गया। वहीं राज्य वन सेवा के तीन अफसरों में एनके शर्मा, डीके साहू और डीके मेहर को नोटिस जारी किया गया है।

धमतरी में सीमेंट खरीदी, शहर प्रोसेसिंग संयंत्र, जेसीबी किराया, रेत खरीदी, गिट्टी क्रेशर से खरीदी, रेलिंग निर्माण, चाय-नाश्ता का टेंडर में गड़बड़ी हुई। गरियाबंद में सीमेंट, छड़, गिट्टी, मुरम और रेती खरीदी, पैलेट खरीदी, ट्रैप कैमरा खरीदी, जीपीएस डिवाइस खरीदी, रेंज फाइडर खरीदी, कंपास सामग्री खरीदी, एंड्रायड मोबाइल खरीदी, एल्केलाइन एए बैटरी, रोड रोलर, पावर रोलर और पानी टैंकर के किराए का टेंडर, डार्टगन खरीदी में गड़बड़ी पाई गई। लोरमी में फ्लाइ एश ब्रिक्स, ट्रैप कैमरा खरीदी में गड़बड़ी मिली। वहीं, जगदलपुर में रेत, सीमेंट, छड़ खरीदी, फ्लोर टाइल की खरीदी, पावर चेन सा, आरा, कनासी आयल चाक का टेंडर फर्जी पाया गया।

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