अधिकारियों के खिलाफ भष्टाचार निवारंण अधिनियम के तहत कार्यवाही होना चाहिये
सरगुजा जिले में पहाड़ी कोरवाओं के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनवाए जा रहे मकानों की नींव ही कमजोर है। जिला पंचायत के इंजीनियरों की नायाब इंजीनियरिंग का नमूना यह है कि दो लाख रुपए से पहाड़ी इलाकों में बिना कॉलम का मकान खड़ा कर दिया गया है। मकान के ऊपर छत भी ढाल दी गई, है जो कभी भी गिर सकती है। घर बनाने में बरती गई लापरवाही के बाद भी विभाग के अफसर रिपोर्ट में ओके लिखकर पूरा भुगतान कर चुके हैं। दो कमरे का आवास बनाने में ठेकेदार की मनमानी चली है और निगरानी करने वाले विभाग के इंजीनियर और ग्राम सचिव मूकदर्शक बने हुए है।
सरगुजा जिले में पीएम जनमन के तहत 2565 घर बनने हैं, जिनमें से 1260 घर बन चुके हैं। मैनपाट के पिडिया ग्राम पंचायत के घोराघाट में ठेकेदार शंकर यादव और राजेश यादव ने 30 मीटर के एरिया में तीन घरों को एक-दूसरे की दीवार से सटाकर बना दिया है।
ठेकेदार ने संतोष कोरवा और सूखल कोरवा के घर के बीच में ढुढीबाई का घर सिर्फ इसलिए बनवाया है ताकि दो तरफ से दीवार न बनानी पड़े और लागत बच जाए। हैरानी की बात यह है कि संतोष और सूखल के मकान में एक भी कॉलम नहीं है।
कलेक्टर को निरीक्षण में नहीं दिखी गड़बड़ी
अधिकांश पहाड़ी कोरबा पहाड़ी इलाकों में ही बसे हैं। इनका मकान भी पहाड़ी इलाके में बन रहा है। ऐसे में अगर बिना कॉलम के घर बनते हैं, तो भूकंप आने पर ये घर गिर भी सकते हैं। मकान बनाने और नींव खुदवाने के दौरान भी कलेक्टर के साथ दूसरे अफसरों ने निरीक्षण किया था, लेकिन निर्माण में किसी को नहीं दिखी और न ही किसी ने ठेकेदार को ठीक तरह के मकान बनाने कहा।
किसी अधिकारी ने नियम- कानून नहीं बतायाः ठेकेदार
ठेकेदार राजेश यादव से मकान बनाने में 12 की जगह 8 एमएम सरिया लगाने के संबंध में पूछा गया, उसका कहना है कि सभी लोग तो 8 एमएम का ही सरिया लगा रहे हैं। 12 एमएम का सरिया लगाना है, हमको पता ही नहीं था। आज तक किसी अधिकारी ने नियम-कानून बताया ही नहीं, तो हम क्या करें। जैसे सब बना रहे हैं, वैसे ही हम भी बना रहे हैं
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