जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा के औचक निरीक्षण ने पाटन ब्लॉक के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। कई शिक्षक बिना अवकाश आवेदन के अनुपस्थित मिले। कक्षाओं के समय कुछ शिक्षक स्टाफ रूम में बैठे दिखे। विद्यार्थियों की उपस्थिति बेहद कम रही। कुछ कक्षाओं में तो एक भी छात्र मौजूद नहीं था। प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों तक यही हाल रहा। ग्रामीणों ने भी शिक्षकों की लापरवाही की शिकायतें की मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
डीईओ के निरीक्षण के दौरान स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय कन्या पाटन में कई अनियमितताएं सामने आई। यहां कल्पना वर्मा और पूजा अग्रवाल बिना अवकाश आवेदन के अनुपस्थित पाई गई। ऑनलाइन अवकाश पोर्टल में भी उनका कोई आवेदन दर्ज नहीं था। इसी विद्यालय में सहायक ग्रेड-3 आरती यादव, फरवरी की शुरुआत से लेकर निरीक्षण तिथि तक उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर नहीं कर रही थीं। कक्षा 11वीं में अर्थशास्त्र के कालखंड के दौरान व्याख्याता त्रिवेणी साहू कक्षा में पढ़ाने के बजाय स्टाफ रूम में बैठी हुई थी। अधिकांश शिक्षक कक्षा में जाने के बजाय स्टाफ रूम में बैठे रहे। कक्षा 10वीं में 60 दर्ज विद्यार्थियों में से केवल 38 उपस्थित थे। कक्षा 12वीं में एक भी छात्र उपस्थित नहीं था। इसके बाद डीईओ शासकीय प्राथमिक शाला केसरा पंहुचे। यहां 62 विद्यार्थियों के लिए चार शिक्षक पदस्थ हैं। इनमें से रंजीता साहू, टोमन लाल साहू और गौकरण धीवर बिना सूचना और आवेदन के अनुपस्थित पाए गए। विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने बताया कि गौकरण चार दिनों तक अनुपस्थित रहे और 5 फरवरी को ही स्कूल पहुंचे। निरीक्षण के दिन वे फिर अनुपस्थित थे। उपस्थिति पंजी में 2 से 4 फरवरी तक उनके हस्ताक्षर मिले। संस्था प्रमुख ने बताया कि उन्होंने 5 फरवरी को पिछली तारीखों में हस्ताक्षर किए। रंजीता और टोमन के बारे में भी ग्रामीणों ने बताया कि वे अबसर बिना सूचना के बारी-बारी से अनुपस्थित रहते हैं। समय पर शाला पहुंचना भी उनकी आदत में नहीं है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केसरा में निरीक्षण के दौरान प्राचार्य प्रतिभा मौर्य और सहायक ग्रेड-2 एमपी देवांगन भी बिना सूचना के गैरहाजिर थे। यहां कि मिडिल स्कूल में सभी शिक्षक स्टाफ रूम में बैठे मिले और चात्र परिसर में घूमते पाए गए।
Comments