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26 जनवरी गणतंत्र दिवस की शुभकामना समस्त खनिज अधिकारी






























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पीडब्ल्यूडी सफाई ठेका में घोटाला

पीडब्ल्यूडी में सफाई के ठेके पर अफसरों की मनमानी जारी है। सफाई के ठेके की अवधि दो साल पहले समाप्त हो चुकी थी, लेकिन इसके तीन साल बाद टेंडर तो लगाया गया, पर उसे ओपन नहीं किया गया। उल्टे ठेकेदार का समय बढ़ाते रहे। इस बात की जानकारी उच्च अधिकारियों को लगी, तो उन्होंने चर्चा के लिए बुलाया। बताया जा रहा है कि टेंडर में मनमाने ढंग से ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए शर्तें जोड़ी गईं। हाईकोर्ट में सफाई का ठेका पीडब्ल्यूडी के माध्यम से होता है। वर्तमान टेंडर मार्च 2023 में समाप्त हो चुका है और इसका काम सतीष कुमार सिंह कर रहे हैं। नियमानुसार टेंडर समाप्त होने के बाद नया टेंडर लग जाना था। पहला टेंडर 4 जुलाई 2023 को लगाया गया था, जिसे 6 जुलाई 2023 को ओपन होना था, लेकिन ओपन नहीं किया गया। दूसरा टेंडर 29 सितंबर 2023 को लगाया गया था, जिसे 4 अक्टूबर 2023 को ओपन होना था, लेकिन इसे भी ओपन नहीं किया गया। तीसरी बार टेंडर 16 फरवरी 2024 को लगाया गया, जिसे 20 फरवरी 2024 को ओपन होना था, लेकिन यह भी ओपन नहीं हुआ। अधिकतम दर और ठेकेदार पर मेहरबानी यह टेंडर 1.462 फीसदी अधिकतम दर पर लगाया गया। बता दें कि यह टेंडर...

फर्जीवाड़ा को संरक्षण देने वाले ड्रग इंस्पेक्टरो के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही होना आवश्यक

मध्यप्रदेश के इंदौर शहर से छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में फर्जी बिल के सहारे नकली दवाइयां ट्रांसपोर्ट की गई हैं। नकली दवाइयों की 7वीं खेप पकड़ाई तब खुलासा हुआ कि करोड़ों की नकली दवाइयों की 6 खेप पहले से खपाई जा चुकी है। चार स्पेशल अफसरों की जांच में इसका खुलासा हुआ है। अफसरों ने इंदौर, रायपुर, बलौदाबाजार और सारंगढ़ जिले के ड्रग माफिया के ठिकानों पर छापेमारी की है। इंदौर के बिजासन मेडिकल स्टोर ने भाठापारा की प्रेम प्रकाश एजेंसी को 4 बार और सारंगढ़ के सरस्वती मेडिकल स्टोर को 3 बार फर्जी बिल से मेडिसिन भेजी गई। इनमें कई दवाइयां नकली हैं। माफिया ट्रांसपोर्ट में एंटीबायोटिक दवाइयां लोड करवाते थे, लेकिन बिल दर्द निवारक दवाइयों का होता था। रिपोर्ट के मुताबिक इस रैकेट का खुलासा ड्रग इंस्पेक्टर्स की मिलीभगत के बाद हुआ है। 7वीं खेप में जब लगभग 50 लाख की बिना लाइसेंस वाली दवाइयां पकड़ी गईं तो सिर्फ 2.24 लाख रुपए की जब्ती बनाई गई। बाकी दवाइयां कारोबारी के घर में छिपा दी गईं। गोदाम का वीडियो सामने आया तब दोबारा जांच हुई। इसमें पता चला है कि कारोबारियों के तार इंदौर से जुड़े हैं। 4 ड्रग इंस्पेक्टर्स...