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मनमानी करने वाले पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही होना आवश्यक है

दो महिला ईई को नोटिस, एक ने एग्रीमेंट पुनर्जीवित किया, दूसरी नदारद रहती हैं

लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता बिलासपुर ने संभाग की दो महिला कार्यपालन अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन अधिकारियों पर कर्तव्यों के प्रति लापरवाही, वित्तीय अनियमितताओं और अनाधिकृत रूप से मुख्यालय से गायब रहने के गंभीर आरोप हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभाग द्वारा इनके विरुद्ध शासन को अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की जा सकती है।
चांपा की ईई पर समाप्त हो चुके अनुबंध को पुनर्जीवित करने का आरोप: चांपा की कार्यपालन अभियंता ममता पटेल को जारी नोटिस में एक पुराने अनुबंध को नियमों के विरुद्ध पुनर्जीवित करने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। वर्ष 2017-18 के एक कार्य का अनुबंध 16 अक्टूबर 2023 को धारा-14 के तहत समाप्त कर दिया गया था। अनुबंध समाप्त होने के लगभग 2 वर्ष 27 दिन बाद इसे दोबारा जीवित कर दिया गया। एसई ने इसे घोर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन माना है। पूछा है कि आखिर किस आधार पर इस पुराने कार्य को पुनर्जीवित करने का प्रस्ताव भेजा गया? सात दिनों में जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

सक्ती ईई पर भुगतान रोकने का भी आरोप

सक्ती संभाग की कार्यपालन अभियंता प्रियंका मेहता को कार्यशैली में सुधार न करने और बिना सूचना दफ्तर से गायब रहने के लिए नोटिस दिया गया है। नोटिस के अनुसार ईई अक्सर बिना पूर्व सूचना के अनाधिकृत रूप से मुख्यालय से गायब रहती है, जिससे सरकारी कार्यों की गुणवत्ता और समय सीमा प्रभावित हो रही है। अगस्त और नवंबर 2025 के बीच जारी तीन वर्क ऑर्डर का भुगतान चार महीने बीत जाने के बाद भी नहीं हो सका है। नोटिस में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष और माह के अंतिम सप्ताह में जब अधिकतम भुगतान सुनिश्चित करना होता है, तब भी अधिकारी का कार्यालय से गायब रहना उनकी हठधर्मिता और मनमानी को दर्शाता है।

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