चंम्पानगर मैला में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन हर्षोल्लास के साथ मां शेरावाली की जय गुंजती जयकारों के बीच शांतिपूर्ण माहौल में किया गया।
ब्यूरो/पूर्णिया/जिले के केनगर प्रखंड क्षेत्र में 10 अलग अलग स्थानों पर एवं नगर पंचायत चम्पानगर के जिले के प्रसिद्ध चम्पानगर मेला में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन हर्षोल्लास के साथ मां शेरा वाली की जय गूंजती जयकारों के बीच शांति पूर्ण माहौल में किया गया।वही केनगर थाना क्षेत्र में दंडाधिकारी के रूप में केनगर बीडीओ आशीष कुमार व थानाध्यक्ष नवदीप कुमार के नेतृत्व में तैनात शशस्त्र पुलिस बलों द्वारा गश्त लगाकर सुरक्षा प्रदान किया गया।चम्पानगर दूर्गा मंदिर में हर साल की भांति अपराह्न 2:30 बजे तक देवी घडा दूर्गा मंदिर से सभी प्रतिमाओं को बाहर कर मंदिर परिसर में दर्शनार्थ के लिए रखा गया। जहाँ करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां का दर्शन कर प्रसाद को चढाया एवं ग्रहण किया।शांति एवं सुरक्षा माहौल बनाए रखने को लेकर एसडीएम पार्थ गुप्ता,एसडीपीओ शत्रुघ्न प्र0 मंडल,केनगर अंचलाधिकारी दिवाकर कुमार और पुलिस इंस्पेक्टर जयप्रकाश सिंह समेत दंडाधिकारी के रूप पुलिस के साथ चम्पानगर एवं रामनगर में पुलिस बलों के साथ गश्त लगाते रहे।वही दूसरी ओर चम्पानगर थानाध्यक्ष प्रियंका कुमारी के नेतृत्व में शामिल दर्जनों पुरुष व महिला शशस्त्र पुलिस बलों के कड़ी सुरक्षा बीच लोगों ने जहाँ माँ का अंतिम दर्शन किया वही लोगों ने मेला का जमकर आनंद उठाया। मेले में असमाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी गई थी। मेले में आदिवासियों की प्राचीन सभ्यता की नृत्य आकर्षण का केन्द्र रहा। आदिवासियों की अलग अलग मंडलियाँ अपना अलग अलग तरीके से नृत्य करने का नजारा अद्भुत देखा गया।दूर्गा मंदिर परिसर में बनाए गए कार्यालय में एसडीपीओ,सीओ,थानाध्यक्ष,नगर पंचायत चम्पानगर के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि निर्भय कुमार सिंह द्बारा शहनाई वादकों को माता की चुनरी सौंप कर हौसला अफ़ज़ाई किया गया।सभा में मंच संचालन पूर्व मुखिया विजय प्रकाश गौतम व अशोक कुमार दास जी कर रहे थे। शाम 4:30 बजे बनारस के मशहूर शहनाई वादक बिस्मिल्ला खां के वंशज रौशन अली आदि वाद्य कलाकार की गुंजती शहनाई के बीच राजकीय सम्मान के साथ मां की प्रतिमा का विसर्जन कार्य प्रारंभ हुआ। जिसमें चम्पानगर बनैली स्टेट के विवेकानंद सिन्हा व अन्य पारिवारिक सदस्य तथा पूर्व जिला परिषद सदस्य शुनील मेहता,पूर्व मुखिया विजय प्रकाश गौतम,पूर्व सरपंच सुदिष्ट कुमार सिंह,रामकुमार सिंह, राजेश नाथ पाठक,कदम लाल मेहता,रमेश साह,मनोवर अली सहित हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर से मां शेरावाली की जय गुंजती नारों के साथ कारी कोशी नदी तक का सफर डेढ़ घंटे में तय कर मां का विसर्जन शाम 6 बजे में कर दिया गया।

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