Skip to main content

लापरवाह आईएएस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना का मुकदमा कोर्ट में

21 अगस्त को इन अफसरों को कोर्ट के सामने उपस्थित होकर देना होगा जवाब।

भू अर्जन की कार्रवाई किए बिना किसान के खेत पर कब्जा कर सड़क का निर्माण करा दिया है। हाई कोर्ट के आदेश के चार साल बाद भी किसान को मुआवजा नहीं दिया गया है। नाराज कोर्ट ने जांजगीर-चांपा जिले के तत्कालीन कलेक्टर यशवंत कुमार व जितेंद्र शुक्ला व दो अन्य अफसरों के खिलाफ न्यायालयीन आदेश की अवहेलना के आरोप में चार्ज फ्रेम कर व्यक्तिगत उपस्थिति का निर्देश दिया है। इसके लिए कोर्ट ने 21 अगस्त की तिथि तय कर दी है।

जांजगीर-केरा रोड निवासी कमलेश सिंह ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर जिला प्रशासन के साथ ही पीडब्ल्यूडी व भूअर्जन अधिकारी द्वारा उसकी जमीन पर जबरिया कब्जा कर सड़क बनाने की शिकायत दर्ज कराई थी। याचिकाकर्ता किसान ने अपनी याचिका में बताया था कि ग्राम कोसा में खसरा नंबर 108/1 में उसकी जमीन है। उक्त जमीन में बिना भूमि अधिग्रहण किये प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण कर दिया गया है।

कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर विधिवत भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई कर मुआवजा दिए जाने की मांग की थी। कलेक्टर के समक्ष शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले की सुनवाई जस्टिस गौतम भादुड़ी की सिंगल बेंच में हुई। वर्ष 2001 में कलेक्टर जांजगीर-चांपा को नोटिस जारी कर छह महीने के भीतर याचिकाकर्ता भूमि स्वामी के जमीन का अधिग्रहण कर नियमों के अनुसार मुआवजा का वितरण करने का निर्देश दिया था।

कलेक्टर ने नहीं सुनी बात, तब हाई कोर्ट का खटखटाया दरवाजा

हाई कोर्ट के निर्देश के छह महीने बाद भी जब कलेक्टर कार्यालय से किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई तब किसान ने एक बार फिर कलेक्टर को हाई कोर्ट के आदेश की कापी के साथ आवेदन पेश कर मुआवजे की मांग की। लगातार जनदर्शन में आवेदन देने के बाद भी किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाई कोर्ट के आदेश के चार साल बाद भी जब मुआवजा नहीं मिला तब किसान ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दो आइएएस अफसर व दो अन्य अधिकारियों को पक्षकार बनाते हुए न्यायालयीन आदेश की अवहेलना का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दायर की है। हाई कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। दो आइएएस सहित सभी चारों अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।

भुगतनी पड़ सकती है छह महीने की सजा

न्यायालयीन आदेश की अवहेलना के आरोप को लेकर हाई कोर्ट ने सख्ती बरतते हुए नया नियम लागू कर दिया है। आदेश की अवहेलना करने वाले अफसरों को छह महीने की सजा व दो हजार रुपये जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।

जस्टिस गौतम भादुड़ी ने 2021 में कलेक्टर जांजगीर को याचिकाकर्ता को 6 माह के अंदर मुआवजा देने का आदेश दिया। आदेश का पालन नहीं होने पर उन्होंने अधिकारियों को पक्षकार बनाते हुए अवमानना याचिका पेश की। कोर्ट ने अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। कोर्ट ने अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट होने पर इनके विरुद्ध अवमानना का चार्ज फ्रेम किया व जवाब देने 21 अगस्त को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।

Comments

Popular posts from this blog

नवाज शरीफ की रैली में पहुंचा असली टाइगर, पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज का इलेक्शन सिम्बल भी शेर

लाहौर/ पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की रैली में एक समर्थक असली टाइगर लेकर पहुंच गया। ‘समा न्यूज’ के मुताबिक- घटना सोमवार 22 जनवरी की है। दरअसल, शेर पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (PML-N) का इलेक्शन सिम्बल भी है। ‘जियो न्यूज’ के मुताबिक- जैसे ही नवाज को रैली में समर्थक के टाइगर लाने की जानकारी मिली, उन्होंने फौरन इसे ‌वापस भेजने को कहा। बाद में पार्टी प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मरियम नवाज ने उर्दू में सोशल मीडिया पोस्ट किया। कहा- समर्थक इस तरह की हरकतें न करें। मामला क्या था नवाज शरीफ लाहौर की एनए-130 सीट से जनरल इलेक्शन लड़ रहे हैं। NA-130 के मायने हैं, नेशनल असेंबली सीट नंबर 130। बहरहाल, नवाज कैम्पेन रैली के लिए सोमवार शाम लाहौर पहुंचे। रैली में लाया गया टाइगर लोहे के पिंजरे में कैद था। लेकिन, इसको देखने के लिए भीड़ जुटने लगी। खबर लगते ही नवाज ने फौरन पार्टी के आला ओहदेदारों को इसे वापस भेजने को कहा। इसके बाद जो शख्स इसे लेकर आया था, वह इसे वापस भी ले गया। पार्टी प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा- नवाज पहले ही कह चुके हैं कि कोई असली टाइगर या कोई दूस...

उबलते पानी में 5 वर्षीय बेटे का सिर पका कर खा गई मिस्र की एक महिला

फाकुस/ मिस्र में एक महिला अपने 5 साल के बच्चे की हत्या कर उसका सिर खा गई। इसके बाद वहां की एक कोर्ट ने 30 सितंबर को उसे पागल घोषित किया है। महिला का नाम हना मोहम्मद हसन बताया गया है। घटना मिस्र के फाकुस इलाके की है। कोर्ट ने अपने फैसले में बताया कि आरोपी हना हसन ने अपने बच्चे को पागलपन की हालत में मार डाला। अब उसे मेंटल हॉस्टिपटल में रखा जाना चाहिए। सबूत मिटाने की कोशिश में बेटे यूसुफ के शरीर को टुकड़ों में काटा जांच में सामने आया कि आरोपी महिला ने एक छुरी ली और अपने घर के सभी दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दी। फिर अपने बेटे के सिर पर तीन बार वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई। हना ने सबूत मिटाने की कोशिश में यूसुफ के शरीर को टुकड़ों में काट दिया। खाना पकाने से पहले स्टोव पर उबलते पानी में बेटे का सिर और मांस के दूसरे टुकड़े डाले और खा लिए। परिवार को पानी की बाल्टी में बॉडी पार्ट्स मिले, तब शक हुआ कोर्ट ने अपने फैसले में बताया की आरोपी मां ने उसके बेटे को चाकू से मारकर उसका सिर पानी की बाल्टी में डाल दिया। कोर्ट ने बताया की युसुफ की हत्या के आरोप में उसकी मां पर तब शक हुई जब बच्चे के चाचा ने घ...