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मुनगा स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा लाभदायक है

न्यूट्रीशन का खजाना, बीपी, डायबिटीज से लेकर कैंसर की ग्रोथ को रोकने में मददगार

सहजन, सेंजन, ड्रमस्टिक्स, मोरिंगा, मुनगा। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है। नाम कोई भी हो, इसके गुण हर जगह एक जैसे हैं। सहजन मानो सिर्फ एक पेड़ नहीं, मनुष्य को दिया प्रकृति का वरदान है। कोई ऐसा दूसरा पेड़ नहीं, जिसकी जड़ से लेकर पत्ती, फल, ठंडल और यहां तक कि फूल भी इतने सारे न्यूट्रीशन से भरपूर हो। ये डॉक्टर की फार्मेसी है। इसीलिए लोग सहजन को सुपरफूड कहते हैं।

न्यूट्रीशन साइंटिस्ट्स का मानना है कि सहजन छोटी-बड़ी 300 से ज्यादा बीमारियों में फायदेमंद है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, सोडियम, पोटेशियम जैसे ढेरों न्यूट्रिएंट्स होते हैं। सहजन में मल्टीविटामिन्स और कई एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं।

सहजन खाने से डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी लाइफ स्टाइल बीमारियां दूर रहती है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं और स्किन हेल्थ भी सुधरती है।

आज बात करेंगे सुपरफूड सहजन की। साथ ही जानेंगे कि-

• सहजन खाने से किस तरह के फायदे होते हैं?

• इसे खाने से कौन-कौन सी बीमारियों में लाभ मिलता है?

इंसानों के लिए प्रकृति का वरदान है सहजन

वाराणसी के राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में असिस्टेंट प्रोफेसर और डॉक्टर अजय कुमार कहते हैं कि सहजन एक सुपरफूड है। आयुर्वेद में इस पेड़ के हर हिस्से को किसी-न-किसी बीमारी के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है।


सहजन की न्यूट्रीशनल वैल्यू

सहजन अपनी न्यूट्रीशनल वैल्यू के चलते ही सुपरफूड कहा जाता है। न्यूट्रीशन से भरपूर होने के साथ ही सहजन के पोषक तत्व शरीर में आसानी से एब्जॉर्व भी होते हैं। नीचे ग्राफिक में देखिए कि सौ ग्राम सहजन में कितने सारे पोषक तत्व होते हैं।

सेहत के लिए कितना फायदेमंद है सहजन

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

• सहजन में पॉवरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। ये कंपाउंड्स बॉडी से फ्री रेडिकल्स को खत्म करते हैं।

• अगर शरीर में फ्री रेडिकल्स बढ़ जाएं तो ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस बढ़ सकता है, जो हार्ट डिजीज, टाइप 2 डाइबिटीज जैसी बीमारियों की वजह है।

• इसमें क्वेरसेटिन नाम का पॉवरफुल एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो ब्लड शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखता है।

• एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर सहजन खाने से कैंसर का जोखिम कम होता है।

सहजन के हेल्थ बेनिफिट्स की लंबी लिस्ट है। नीचे दिए ग्राफिक में देखिए।

अब ग्राफिक में दिए गए कुछ पॉइंट्स को विस्तार से समझते हैं।

बोन हेल्थ सुधरती है

सहजन तीन जरूरी मिनरल्स कैल्शियम, आयरन और फॉस्फोरस का जबरदस्त सोर्स हैं। अगर बच्चों की डाइट में सहजन को शामिल किया जाए तो उनकी ग्रोथ और डेवलपमेंट में मदद मिलती है। इसके अलावा इससे हड्डियों की डेंसिटी बढ़ती है यानी हड्डियां मोटी और मजबूत होती हैं। इससे बुढ़ापे में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम हो जाता है।

इम्यून सिस्टम मजबूत होता है

सहजन विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर है। अगर इसे भोजन में शामिल किया जाए तो इम्यूनिटी मजबूत होती है। सामान्य सर्दी, जुकाम जैसे इन्फेक्शन जल्दी नहीं होते। इससे अस्थमा, कफ या किसी तरह के श्वसन संबंधी इन्फेक्शन से लड़ने में भी मदद मिलती है।

गट हेल्थ सुधरती है

सहजन में थायमिन (विटामिन B 1), राइबोफ्लेविन (विटामिन B 2), नियासिन और विटामिन B 12 जैसे जरूरी विटामिन होते हैं, जो पाचक रस के स्राव को उत्तेजित करने में मदद करते हैं। इससे कार्ब्स, प्रोटीन और फैट को ब्रेक करके उसे डायजेस्टेबल फॉर्म में बदलने में मदद मिलती है। फाइबर से भरपूर होने के कारण यह गट माइक्रोबायोम्स के लिए अच्छा है। इसे खाने से पेट साफ रहता है।

ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है

सहजन में बायोएक्टिव कंपाउंड्स नियाजिमिनिन और आइसोथियोसाइनेट पाए जाते हैं। इससे आर्टरीज स्वस्थ बनी रहती हैं और हाइपरटेंशन होने की आशंका कम हो जाती है। एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण ब्लड सर्कुलेशन अच्छा बना रहता है।

किडनी के लिए है फायदेमंद

सहजन में भरपूर मात्रा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स किडनी से विषाक्त पदार्थों को साफ करने में मदद करते हैं। अगर भोजन में नियमित रूप से सहजन शामिल किया जाए तो किडनी और मूत्राशय की पथरी के इलाज में मदद मिलती है। सहजन के सेवन से किडनी की ओवरऑल हेल्थ भी सुधरती है।

कैंसर का रिस्क कम हो जाता है

भोजन में नियमित रूप से सहजन को शामिल करने से भरपूर एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं। विटामिन A, विटामिन C, बीटा-कैरोटीन और नियाजिमिसिन की प्रचुर मात्रा कैंसर कोशिकाओं को पनपने से रोकती है। ये एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स कम करके सेल्स को ऑक्सिडेटिव डैमेज से बचाते हैं।

लिवर हेल्थ के लिए अच्छा है सहजन

लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण ऑर्गन है। यह हमारे शरीर के छोटे-बड़े 500 काम करता है। इनमें सबसे खास है शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालना। लिवर के इस काम में सहजन बेहद मददगार साबित होता है। सहजन ग्लूटाथायोन के प्रोडक्शन में मदद करता है। इसके अलावा लिवर को तमाम दवाइयों से होने वाली संभावित क्षति से भी बचाता है। यह लिवर के लिए सेफ्टी शील्ड की तरह काम करता है।

सहजन की फलियों की सब्जी बनाकर, पत्तियों और जड़ों का चूर्ण बनाकर उसका सेवन कर सकते हैं।

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