प्रकृति का दिया सबसे मीठा तोहफा है गन्नाः लिवर, किडनी की बीमारियों में लाभकारी, डायबिटीज है तो बनाएं दूरी
भारत में हर खुशी के मौके पर मिठाइयां खाने और खिलाने की परंपरा है। त्योहार हो या कोई शुभ कार्य, हर किसी का पहला रिएक्शन होता है- 'कुछ मीठा हो जाए।'
निश्चित ही प्रकृति ने भी खुशी का कोई बड़ा मौका देखा होगा, जब इंसान को सबसे मीठे तोहफे के रूप में गन्ना दिया। लेकिन प्रकृति के दिए उस मीठे और हमारी मिठाई वाले मीठे में बडा फर्क है।
हम जो मिठाई खाते हैं, वह किसी का भी ब्लड शुगर लेवल शूट अप कर सकती है, बीमार कर सकती है। वहीं गन्ना धरती पर एक वरदान जैसा है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ बेहद गुणकारी होता है। गन्ने का रस लिवर, किडनी की कई बीमारियों में भी लाभकारी है।
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के एंडोक्रोनोलॉजी विभाग में प्रोफेसर और मेटाबॉलिकल जैसी रेवोल्यूशनरी किताब लिखने वाले डॉ. रॉबर्ट लस्टिंग अगस्त, 2011 में गूगल के ऑफिस में लेक्चर दे रहे थे। किसी सवाल के जवाब में उन्होंने कमरे में मौजूद लोगों से पूछा, "प्रकृति की दी सबसे मीठी चीज कौन सी है?" जाहिर है, सबका एक ही जवाब था- "गन्ना।"
फिर डॉ. लस्टिंग ने पूछा, "आपको पता है गन्ने में कितना मीठा होता है।" गूगल में काम कर रहे दुनिया के टॉप मोस्ट माइंड्स ने जवाब में कहा, 100%.
डॉ. लस्टिंग हंसने लगे, बोले- "नहीं। सिर्फ 15%। बाकी फाइबर है। नेचर बहुत इंटेलीजेंट है। उसने जो सबसे मीठी चीज बनाई, उसमें मीठे से ज्यादा फाइबर दिया क्योंकि प्रकृति में अतिरेक नहीं है। उसे पता है कि शरीर को किस चीज की जरूरत है।"
आज बात करेंगे गन्ने के बारे में। साथ ही जानेंगे कि-
• क्या शुगरकेन यानी गन्ने में शुगर के अलावा भी कुछ होता है?
• यह किडनी, लिवर के साथ किन बीमारियों में फायदेमंद है?
• क्या डायबिटिक लोग गन्ने का रस पी सकते हैं?
गर्मियों में कोल्ड ड्रिंक्स की जगह पिएं गन्ने का जूस
चिलचिलाती धूप में जब गला सूखता है तो मन करता है कि कुछ ऐसा मिल जाए, जिससे गला तर हो जाए। ज्यादातर लोग कोल्ड ड्रिंक्स या कोई शुगरी ड्रिंक्स खोजते हैं, लेकिन ये आर्टिफिशियल ड्रिंक्स आपको बीमार कर सकते हैं।
इस बार गर्मियों में तय करिए कि गला सूखने पर गन्ने का जूस पिएंगे। इससे आपको इंस्टेंट एनर्जी तो मिलेगी ही, बॉडी भी हाइड्रेट रहेगी। इसकी सबसे अच्छी बात ये है कि ताजे गन्ने के जूस के लिए आपको बहुत पैसे भी नहीं खर्च करने होते हैं।
गन्ने में शुगर के साथ फाइबर भी है
गन्ना इतना मीठा होता है कि ज्यादातर लोग सोचते हैं कि इसमें सिर्फ शुगर होती है, जबकि यह एक मिथ है। सच यह है कि गन्ने में लगभग 70-75% पानी होता है, 10 से 15% तक फाइबर होता है और सुक्रोज के रूप में शुगर सिर्फ 13 से 15% होती है।
गन्ने के रस में होते हैं पॉवरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक रिसर्च के मुताबिक गन्ने के रस में फेनलिक और फ्लेवोनॉयड जैसे पॉवरफुल एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट ही इसे इतना लाभकारी बनाते हैं।
गन्ने के रस को दूसरे शुगरी ड्रिंक्स की तरह प्रोसेस नहीं किया जाता है। इसलिए इसमें विटामिन और मिनरल्स भी बचे रहते हैं।
लिवर की बीमारी में लाभदायक है
• नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक गन्ने का रस विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण लिवर के कामकाज में सहायक बनता है।
• इसमें मौजूद एल्केलाइन शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं, जो पीलिया की बीमारी में मददगार साबित होता है।
• आयुर्वेद और यूनानी पद्धति में गन्ने के रस को पीलिया के इलाज के लिए लंबे समय से प्रयोग किया जाता रहा है।
पाचन तंत्र के कामकाज में मदद करता है
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक गन्ने के रस में मौजूद पोटेशियम हमारे पेट के ph लेवल को संतुलित कर देता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर भी होता है। इसलिए यह हमारे पाचन तंत्र के कामकाज में मदद करता है।
किडनी की सेहत के लिए लाभकारी है
गन्ने का रस डाइयूरेटिक होता है। यह खून से टॉक्सिन्स और इन्फेक्शन बाहर निकालने में किडनी की मदद करता है। इसमें पानी की मौजूदगी किडनी स्टोन निकालने में भी मददगार होती है। अगर इसमें थोड़ा सा नींबू का रस भी मिला दिया जाए तो यह किडनी के लिए सबसे फायदेमंद ड्रिंक बन जाती है।
इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है गन्ने में मौजूद विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेट्स इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। पॉवरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स फ्लेवनॉयड्स और फेनोलिक कैंसर सेल्स को पनपने से भी रोकते हैं।
प्रेग्नेंसी में है फायदेमंद
गन्ने का रस न्यूट्रीशन से भरपूर होने के चलते प्रेग्नेंसी में बेहद लाभकारी सबित होता है। इसमें प्रेग्नेंट महिला की जरूरत के मुताबिक फोलिक एसिड, बी-कॉम्प्लेक्स,कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं। इसलिए यह किसी भी पैक्ड जूस से कहीं बेहतर है।
एंटी एजिंग गुण होता है
गन्ने में मौजूद पॉवरफुल एंटी ऑक्सीडेंट्स इसे एंटी एंजिंग बनाते हैं। इसके अलावा यह आपको हाइड्रेट बनाए रखता है, जिससे स्किन मॉइश्चराइज्ड और सॉफ्ट बनी रहती है। इसमें मौजूद ग्लाइकोलिक एसिड स्किन का रेडिएंस मेंटेन रखता है।
वाराणसी के राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में असिस्टेंट प्रोफेसर और डॉक्टर अजय कुमार बताते हैं कि गन्ने के एंटी एजिंग गुणों के चलते ही इसे आयुर्वेद में जवां बनाए रखने वाला रस कहा जाता है।
डायबिटीज है तो कम पिएं गन्ने का रस
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक एक दिन में एक पुरुष को अधिकतम 9 चम्मच और महिला को 6 चम्मच से ज्यादा मीठा नहीं खाना चाहिए। जबकि अमेरिका के एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के मुताबिक एक कप (240 ml) गन्ने के रस में 50 ग्राम शुगर होती है। यह लगभग 12 चम्मच चीनी के बराबर है।
गन्ने का रस फाइबर का अच्छा स्रोत है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है, लेकिन गन्ने का ग्लाइसेमिक लोड ज्यादा है। इसलिए ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। यही कारण है कि डायबिटिक लोगों को गन्ने का रस कम पीना चाहिए।
हालांकि कुछ स्टडीज डायबिटीज पेशेंट्स के लिए गन्ने के रस को बहुत नुकसानदायक नहीं मानती हैं। लेकिन डायबिटिक पेशेंट्स को इसे पीने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।



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