चिल्ड पानी से मेटाबॉलिज्म स्लो होता है, हार्ट रेट कम, मटके का पानी सुरक्षित
गर्मी के महीने में जब गला सूखता है तो ठंडे पानी से राहत मिलती है। ठंडा पानी गले को तर करता है, शरीर को ठंडक पहुंचाता है। अगर ये पानी मटके का है तो अच्छी बात है। लेकिन अधिकांश बार पानी सिर्फ ठंडा नहीं, बल्कि बहुत ठंडा होता है। एकदम चिल्ड। कई बार लोग उसमें ढेर सारी बर्फ भी मिला देते हैं।
अब तो लगभग हर घर में यह चलन है। गर्मियां आते ही फ्रिज में ठंडे पानी की बोतलें जम जाती हैं। जरा सी प्यास लगी और फ्रिज से ठंडे पानी की बोतल निकालकर गला तर कर लिया।
असल में इससे गर्मी में तप रहे शरीर को तो राहत मिलती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इससे आपके शरीर को कितना नुकसान हो रहा है?
आयुर्वेद में तो ठंडा पानी पीने की मनाही है। आयुर्वेद के मुताबिक ठंडा पानी शरीर में असंतुलन और विकार पैदा कर सकता है। यह पाचन तंत्र को धीमा कर सकता है।
फ्रिज में पानी को आर्टिफिशियल तरीके से ठंडा किया जाता है। शरीर के लिए इसे किसी भी मौसम में पीना अच्छा नहीं है।
इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि फ्रिज में रखा ठंडा पानी पीने का क्या नुकसान है। साथ ही जानेंगे कि-
• पानी पीने का सही तरीका क्या है।
• क्या कमरे के तापमान का ही पानी पीना चाहिए या पानी को प्राकृतिक तरीकों से ठंडा करके पिया जा सकता है।
एक्सपर्ट- डॉ. अकबर नकवी, सीनियर फिजिशियन (नई दिल्ली)
सवाल- क्या गर्मी में धूप और लू से लौटकर ठंडा पानी पीना नुकसानदायक है?
जवाब- जब हम ज्यादा देर तक धूप में रहते हैं और आने के बाद फ्रिज खोलकर सीधे ठंडा पानी पीते हैं तो इससे शरीर को झटका लगता है। शरीर के टेंपरेचर में अचानक बदलाव आता है। इससे ब्लड वेसल्स सिकुड़ सकती हैं। पेट खराब हो सकता है या कोई अन्य शारीरिक परेशानी हो सकती है।
सवाल- फ्रिज का ठंडा पानी पीने से किस तरह के नुकसान हो सकते हैं?
जवाब- नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में 2012 में पब्लिश एक स्टडी बताती है कि ठंडा पानी पीने से पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है। क्योंकि हमारे शरीर का नॉर्मल टेंपरेचर 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास होता है। अगर हम ठंडा पानी पीते हैं तो खाने को पचाने के लिए शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि ठंडा पानी शरीर को क्या नुकसान पहुंचाता है।
आइए, इन पॉइंट्स के बारे में थोड़ा विस्तार से जानते हैं।
हार्ट रेट कम हो सकता है
फ्रिज का ठंडा पानी पीने से आर्टरीज में अचानक सिकुड़न होने के कारण प्रतिकूल परिणाम हो सकते हैं। वेगस नर्व तेज हो जाती है।
जिन लोगों को हार्ट से जुड़ी समस्या है, उन्हें ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचना चाहिए क्योंकि इससे एरिथमिया (अनियमित हार्ट बीट्स) हो सकती है। ब्लड वेसल्स में सिकुड़न भी हार्ट अटैक का कारण बन सकती है।
सिरदर्द हो सकता है
ठंडा पानी पीने से दिमाग की नसों में सिकुड़न आ सकती है। इसका ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है। दिमाग को जरूरी ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। इससे सिरदर्द होने का खतरा रहता है। खासकर माइग्रेन से पीड़ित लोगों को ठंडा पानी पीने से परहेज करना चाहिए।
मेटाबॉलिज्म हो सकता है स्लो
ठंडा पानी पीने से मेटाबॉलिज्म स्लो हो सकता है क्योंकि ठंडे पानी को नॉर्मल टेंपरेचर पर लाने के लिए बॉडी को ज्यादा एनर्जी खर्च करनी पड़ती है, जिससे कैलोरी बर्निंग प्रोसेस पर असर पड़ता है। गर्मियों में वैसे भी मेटाबॉलिक रेट स्लो होता है। ऐसे में फ्रिज का ठंडा पानी पीने से अपच हो सकती है या पेट खराब हो सकता है।
शरीर को डीहाइड्रेट कर सकता है ठंडा पानी
ठंडा पानी सिर्फ इंस्टेंट प्यास बुझाता है। यह शरीर को हाइड्रेटेड रखने की बजाय डीहाइड्रेट करता है। यही कारण है कि ठंडा पानी पीने के बाद भी बार-बार प्यास लगती रहती है। डीहाइड्रेशन से बचने के लिए नॉर्मल पानी नींबू के साथ पी सकते हैं। यह शरीर को राहत और इलेक्ट्रोलाइट्स दोनों देगा।
गले के इन्फेक्शन का खतरा
ठंडा पानी पीने से गले में बलगम होने का खतरा रहता है। इससे गले में खराश या इन्फेक्शन हो सकता है। आवाज में बदलाव आ सकता है। कई बार सर्दी-जुकाम जैसी समस्या भी हो सकती है।
दांतों की सेंसिटिविटी बढ़ सकती है
जब आप ठंडे पानी का पहला घूंट पीते हैं तो दांतों में अचानक से झनझनाहट हो सकती है क्योंकि टेंपरेचर में अचानक हुए बदलाव के लिए दांत तैयार नहीं होते हैं। इससे टूथ सेंसिटिविटी हो सकती है।
सवाल- अगर ठंडा पानी पी ही रहे हैं तो किस तरह की
सावधानियां बरतनी चाहिए?
जवाब- डॉ. अकबर नकवी बताते हैं कि गर्मी के मौसम में नॉर्मल पानी पीना सबसे अच्छा विकल्प है। जितना हो सके, ठंडे पानी से दूरी बनानी चाहिए। अगर ठंडा पानी पीना चाहते हैं तो बहुत चिल्ड पीने की बजाय उसमें थोड़ा नॉर्मल पानी मिलाकर पानी के तापमान को सामान्य कर लें।
नीचे ग्राफिक में दी गई सावधानियां भी बरत सकते हैं।
सवाल- क्या फ्रिज के ठंडे पानी की बजाय मटके का ठंडा पानी पीना सुरक्षित है ?
जवाब- हां बिलकुल। मटके का पानी पूरी तरह सुरक्षित है। उसका कारण ये है कि मटके का पानी मशीन के जरिए ठंडा नहीं किया जा रहा और वह एक सीमा से ज्यादा चिल्ड हो भी नहीं सकता। मिट्टी के पोरों से होकर आ रही हवा मटके के भीतर पानी के तापमान को कम रखती है। गर्मियों में जब बाहर का तापमान बहुत ज्यादा हो तो रूम टेंपरेचर का पानी भी काफी गर्म महसूस होता है। ऐसे में मटके का पानी पीना एक अच्छा और सुरक्षित विकल्प है।
सवाल- पानी पीने का सही तरीका क्या है?
जवाब- खड़े होकर पानी पीने से बचना चाहिए क्योंकि इससे आपकी किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा गठिया की बीमारी हो सकती है। हमेशा कोशिश करें कि पानी बैठकर ही पिएं। खड़े होकर पानी पीने से आपकी नसों में भी तनाव आ सकता है।
सवाल- क्या ठंडा पानी पीने से स्ट्रोक हो सकता है?
जवाब - धूप में निकलने के तुरंत बाद बर्फ का ठंडा पानी पीने से सामान्य स्थितियों में दिल का दौरा या स्ट्रोक का कोई खतरा नहीं है। हमारे शरीर में अलग-अलग मौसम की स्थिति और टेंपरेचर के साथ तालमेल बिठाने की नेचुरल क्षमता होती है। जिन लोगों को पहले से हार्ट से जुड़ी परेशानी है, उन्हें थोड़ा सावधानी जरूर बरतनी चाहिए।
हालांकि, बर्फ का ठंडा पानी पीने या कोई भी ठंडी चीज खाने से पहले थोड़ा आराम करना बेहतर है। गर्मी के मौसम में बाहर से लौटते ही ठंडा पानी पीने से ब्लड वेसल्स थिंक हो सकती हैं। लेकिन इसका स्ट्रोक से कोई सीधा संबंध नहीं है।


Comments