दुर्ग/ छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले धमधा ब्लॉक के अंतर्गत 16.40 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे ब्रिज के एक हिस्से का स्ट्रक्चर पहली बारिश में बह गया है। बुधवार सुबह जब लोग नदी का जल स्तर देखने गए थे तभी अचानक ब्रिज का स्ट्रक्चर नदी में समा गया। इतनी बड़ी घटना हो जाने के बाद भी मौके पर न तो पीडब्ल्यूडी का कोई अधिकारी पहुंचा न ही ठेकेदार। शाम को पीडब्ल्यूडी सेतू निर्माण की ओर से जारी एक पत्र में मामले पर सफाई दी गई। कहा गया कि ब्रिज के 15 वें स्पॉन के स्टेजिंग और सेंट्रिंग का ढांचा बहा है। शेष ब्रिज को नुकसान नहीं पहुंचा है।
लोग खतरे के बीच ब्रिज में चढ़कर नदी के बढ़े हुए जलस्तर को देख रहे थे। वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। जिस पार्ट का एप्रोच पुल बहा है वहां भी गुणवत्ता की काफी कमी देखने को मिली। ग्रामीण रोहित लोधी का कहना है कि पुल का निर्माण घटिया स्तर का हो रहा है। ठेकेदार और अधिकारी कभी मौके पर देखने नहीं आते हैं। यहां का जो मुंशी है वो अपनी मर्जी से काम कराता है। ठेकेदार ने कोई इंजीनियर नहीं रखा है, जो ब्रिज में हो रही तकनीकी कमियों को देख सके।
ब्रिज की गुणवत्ता और मजबूती को लेकर उठ रहे सवाल
सगनी गांव के निवासी इतवारी राम साहू का कहना है कि निर्माण घटिया स्तर का हो रहा है। बुधवार सुबह वो लोग नदी का जल स्तर देखने के लिए आए थे। तभी देखा कि ब्रिज का सिल्ली गांव की तरफ का एप्रोच पुल बह गया। लोहे की बड़ी-बड़ी सेंटरिंग प्लेट और सपोर्ट पूरा नदी के पानी में समा गया। गांव के लोग काफी डरे हुए है। अब उन्हें लगता है कि पूरा ब्रिज कमजोर है और कभी भी गिर सकता है।
सुरक्षा के नहीं कोई पुख्ता इंतजाम
सगनी घाट नदी के ऊपर बने इस 400 मीटर लंबे ब्रिज के ऊपर चढ़कर लोग शिवनाथ नदी के बाढ़ के पानी को देखने के लिए पहुंचते हैं। ब्रिज में अभी तक न तो कोई रेलिंग बनी है और न ही कोई सुरक्षा के इंतजाम हैं। गार्ड न होने से लोग अपनी जान खतरे में डालकर ब्रिज के ऊपर चढ़ रहे हैं। पिछले साल इसी ब्रिज से दुर्ग का रहने वाला एक युवक गिर गया था और उसकी मौत हो गई थी।
- पीडब्ल्यूडी के सेतू निर्माण की सफाई
विभाग ने दुर्ग कलेक्टर को लिखे पत्र में बताया है कि शिवनाथ नदी पर बन रहे 400 मीटर के इस पुल में 17 स्पॉन बनाए जाने हैं। 14 स्पॉन तक का काम पूर्ण हो चुका है। 15 वें स्पॉन के निर्माण के लिए स्टेजिंग और सेट्रंरिंग लगाई गई थी, लेकिन स्लैब डालने में विलंब हो रहा था। बारिश शुरू होने के कारण इसे हटाने का भी आदेश दिया गया था, लेकिन हटाया नहीं जा सका। यही स्टेजिंग और सेंट्रिंग का ढांचा गिरा है। पुल का जो 75 प्रतिशत काम हो चुका है, उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
- समय पर नहीं हुआ निर्माण
पीडब्ल्यूडी से हुए अनुबंध के मुताबिक ठेकेदार को इस ब्रिज का निर्माण 11 नवंबर 2020 को शुरू कर 16 महीने में 11 अप्रैल 2022 में पूरा करना था। लेकिन ठेकेदार ने निर्माण में देरी की और पुल जून 2023 तक 70 प्रतिशत भी नहीं बन पाया है।
- निर्माण का नाम - सगनी घाट सिल्ली मार्ग में शिवनाथ नदी उच्च स्तरीय पहुंच मार्ग
लागत - 11.96 करोड़
स्वीकृत राशि - 16.40 करोड़
अनुबंध - वित्तीय वर्ष 2020-21
अनुबंधक का नाम - अमर इंफ्रा इंस्ट्रक्चर
कार्य शुरू करने का समय - 11 नवंबर 2020
कार्य पूरा करने का समय - 11 अप्रैल 2022 (16 माह)
पुल की लंबाई - 400 मीटर

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