रायपुर/ छ.ग. के अधिकतर कलेक्टर न्यायालयों में पांच वर्ष एवं दो वर्ष से जनता के हजारों राजस्व एवं अन्य मामले लंबित हैं। छ.ग. के तहसील न्यायालयों एवं एसडीएम न्यायालयों में भी पांच वर्ष एवं दो वर्ष से जनता के लाखों मामले लंबित हैं।
कलेक्टर न्यायालयों एवं तहसील न्यायालयों में जनता के मामलों को एक वर्ष से अधिक समय तक लंबित रखना बहुत बड़ी लापरवाही है। जनता के कामों में लापरवाही बरतकर जनता को परेशान करने वाले कलेक्टरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करना आवश्यक है। जनता का काम समय पर नहीं करने वाले छ.ग. के कलेक्टरों एवं तहसीलदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।
छ.ग. के अधिकतर कलेक्टरों की लापरवाही के कारण छ.ग. में नकली एवं अमानक खाद के प्रकरण बढ़ते जा रहे हैं छ.ग. में तीन साल के अन्दर लगभग 600 छःसौ प्रकरण सामने आए हैं। अमानक खाद वालों के खिलाफ में कृषि अधिकारियों द्वारा पुलिस में एफआईआर दर्ज नहीं करवाने के कारण ही किसानों के साथ धोखाधड़ी बढ़ता जा रहा है।
छ.ग. के कलेक्टरों एवं खनिज अधिकारियों की लापरवाही तथा मनमानी के कारण रेत डबल कीमत में बिकता है। अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन बढ़ता जा रहा है। एक वर्ष के अन्दर ही लगभग 5000 पांच हजार अवैध उत्खनन एवं अवैध परिवहन के मामले सामने आए हैं। अवैध उत्खनन, परिवहन के कारण शासन को करोड़ों रूपए के जीएसटी का नुकसान होता है। अवैध उत्खनन एवं परिवहन वालों को जेल की सजा के बजाय छोटा सा जुर्माना करने के कारण ही अवैध परिवहन बढ़ता जा रहा है। अवैध खनिज परिवहन के लगभग 50 प्रतिशत मामलों में कम जुर्माना करके शासन को करोड़ों रूपए का नुकसान पहुँचाया जाता है। रेत खदानों में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगवाने के कारण भी अवैध परिवहन बढ़ रहा है। लगभग 50 प्रतिशत अवैध खनिज परिवहन खनिज ठेकेदार ही करते हैं इसलिए अवैध परिवहन करने वालों द्वारा जिस खनिज ठेकेदार से बिना रायल्टी का खनिज लिया जाता है उस खनिज ठेकेदार के खिलाफ में खनिज अधिकारी कार्रवाई नहीं करते।
छ.ग. में जमीन से सम्बन्धित थोक में फर्जीवाड़ा पटवारी एवं राजस्व अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। फर्जीवाड़ा करने वाले पटवारियों एवं तहसीलदारों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर नहीं करवाने के कारण ही फर्जीवाड़ा बढ़ता जा रहा है। यह सब कलेक्टरों की लापरवाही के कारण हो रहा है।
कलेक्टरों की लापरवाही के कारण ही कलेक्टर न्यायालय एवं तहसील न्यायालय में जनता का काम समय पर नहीं हो रहा है।
कलेक्टर न्यायालय एवं तहसील न्यायालय का आॅनलाईन रिकाॅर्ड देखने पर अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है।

Comments